नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हो रही केंद्रीय कैबिनेट बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार गारंटी विधेयक 2025’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
यह प्रस्ताव न केवल देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना को एक नई पहचान देने की कोशिश माना जा रहा है, बल्कि इसके दायरे को और अधिक व्यापक बनाने का संकेत भी देता है।
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा कदम: ‘विकास भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025’
MGNREGA के नाम परिवर्तन के साथ-साथ कैबिनेट आज ‘विकास भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025’ को भी मंजूरी दे सकती है। यह कदम शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलावों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
MGNREGA क्यों है महत्वपूर्ण?
- कानूनी गारंटी
MGNREGA ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन का मजदूरी आधारित गारंटीड रोजगार देने वाला देश का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा कानून है।
- कल्याणकारी प्रभाव
यह अधिकार-आधारित योजना पारदर्शिता, समय पर भुगतान, और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधानों के जरिए ग्रामीण गरीबों के हितों की रक्षा करती है।
- महामारी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका
कोविड-19 महामारी में MGNREGA ने प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देकर बड़ी राहत दी।
इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और महिलाओं की रोजगार भागीदारी में भी बढ़ोतरी हुई क्योंकि काम घर के पास उपलब्ध हुआ।
