नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की “नारी शक्ति” अपने परिश्रम, साहस और आत्मविश्वास के दम पर नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। उन्होंने सभी से अपील की कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मिलकर अवसरों का विस्तार किया जाए।
नई दिल्ली में आयोजित “नारी शक्ति वंदन सम्मेलन” को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े और ऐतिहासिक फैसलों में से एक लेने जा रहा है, जो पूरी तरह महिला सशक्तिकरण को समर्पित होगा।
उन्होंने कहा कि संसद जल्द ही ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है, जो अतीत की आकांक्षाओं और भविष्य की उम्मीदों को पूरा करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि 16, 17 और 18 तारीख को होने वाले विशेष सत्र में इस दिशा में अहम निर्णय लिया जाएगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2023 में नए संसद भवन में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के रूप में इसकी नींव रखी गई थी, ताकि इसे समय पर लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है क्योंकि इससे लोकतंत्र और मजबूत होता है। पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण तक महिलाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक महिलाओं ने देश को नई पहचान दी है। पीएम मोदी ने पंचायत व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि आज देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि 2014 के बाद सरकार ने महिलाओं के जीवन के हर चरण को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि देशभर की महिलाएं विधानसभा और लोकसभा में अधिक भागीदारी की इच्छा व्यक्त कर रही हैं।
देश की बेटियां विकास की अग्रदूत
महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक भागीदारी को सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां विकास की अग्रदूत बन रही हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं और महिलाओं को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई जा रही हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने वाली है।
