नई दिल्ली. नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के तहत आयोजित एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में Rajasthan Haryana Water Sharing Agreement को लेकर बड़ा कदम आगे बढ़ाया गया है। इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल मौजूद रहे।
यह बैठक Inter-State Water Project (यमुना जल परियोजना) के अंतिम चरण को लेकर बेहद निर्णायक मानी जा रही है, जिसमें यमुना नदी के पानी को राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र तक पहुंचाने की योजना पर सहमति बनी है।
शेखावाटी तक पहुंचेगा Yamuna Water Project
इस प्रस्तावित योजना के तहत यमुना नदी का पानी पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस Yamuna Water Pipeline Project से लंबे समय से चली आ रही पेयजल और सिंचाई संकट की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह परियोजना राज्य के लिए एक “transformational step” साबित होगी, जिससे rural water supply और agriculture irrigation दोनों को मजबूती मिलेगी।
DPR और Technical Approval Process पूरा
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की Detailed Project Report (DPR) तैयार कर ली गई है और इसे केंद्रीय जल आयोग (Central Water Commission) के पास final approval के लिए भेज दिया गया है। साथ ही, financial approval और administrative clearance की प्रक्रिया भी parallel रूप से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि MoU signing के बाद काम तुरंत शुरू किया जा सके।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ा फायदा
इस Inter-State Water Sharing Agreement से खासतौर पर शेखावाटी क्षेत्र के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से water scarcity से जूझ रहे इस क्षेत्र में सिंचाई की स्थिति बेहतर होगी और agricultural productivity बढ़ सकती है। सरकार का मानना है कि यह project rural development, drinking water security और farm income में बड़ा बदलाव ला सकता है।
जल विवादों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कई वर्षों से चल रहे inter-state water disputes अब तेजी से सुलझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि water governance reforms के तहत राज्यों के बीच सहयोग बढ़ रहा है।हाल ही में ERCP project सहित कई जल समझौतों पर सहमति बनी है, और अब Yamuna water distribution को लेकर भी अंतिम चरण की बातचीत पूरी होने वाली है।
जल्द होगा MoU Signing
सरकारी सूत्रों के अनुसार, DPR की final clearance के बाद राजस्थान और हरियाणा के बीच जल्द ही Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद परियोजना का ground-level implementation शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि यह योजना Viksit Bharat 2047 vision के तहत समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
