नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में संसद को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की मजबूत दोस्ती सिर्फ भारत और इंडोनेशिया की प्रगति के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है।
सदियों पुराना है दोनों देशों का रिश्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास और बेहतर भविष्य के साझा विजन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक रिश्ता अब नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जरूरत
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। साथ ही उन्होंने ऐसे एकतरफा कदमों से बचने की बात कही जो क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने वैश्विक दक्षिण (Global South) और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
रक्षा, व्यापार और AI में सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया को रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यूपीआई, स्टार्टअप, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में भी साझेदारी को मजबूत करने की बात कही, ताकि दोनों देशों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
रामायण और बोरोबुदुर का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की साझा विरासत रामायण से लेकर बोरोबुदुर मंदिर तक फैली हुई है। यह दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्तों का प्रतीक है।
समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों को साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भी मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने ग्रेट निकोबार से लेकर मलक्का जलडमरूमध्य तक सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि गंगा महाकुंभ जैसे सांस्कृतिक आयोजन दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बना सकते हैं।
रिश्तों का नया अध्याय शुरू
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, विकास और साझा समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने इसे दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया।

