नई दिल्ली. राजस्थान में किसानों को Urea और DAP Fertilizer की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद की जमाखोरी पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। कृषि आयुक्तालय, राजस्थान ने उर्वरकों की बिक्री की अधिकतम सीमा तय करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। प्रस्ताव लागू होने के बाद किसानों को उनकी खेती और फसल के अनुसार निर्धारित मात्रा में ही Urea और DAP उपलब्ध कराया जा सकेगा।
Urea और DAP की खरीद को लेकर नया प्रस्ताव
कृषि आयुक्तालय राजस्थान, जयपुर ने 25 अगस्त को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजकर Fertilizer Distribution Framework का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत Urea की बिक्री के लिए प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बैग और प्रति एकड़ 2 बैग की सीमा सुझाई गई है। वहीं, DAP के लिए प्रति फसल सीजन प्रति हेक्टेयर 3 बैग की सीमा प्रस्तावित की गई है।
हालांकि, यह व्यवस्था अभी केवल प्रस्ताव के स्तर पर है और इसे लागू करने का अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।
खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगेगी रोक
राजस्थान सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य Fertilizer Hoarding और कालाबाजारी को नियंत्रित करना है। अधिकारियों का मानना है कि यदि उर्वरकों की बिक्री को निर्धारित सीमा के दायरे में लाया जाता है तो किसानों के बीच खाद का अधिक समान वितरण किया जा सकता है।
जयपुर ग्रामीण सहित कई इलाकों से समय-समय पर Urea और DAP की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि प्रस्तावित व्यवस्था से Artificial Shortage और अनावश्यक खरीद पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
Rabi Season में बढ़ सकती है खाद की मांग
खरीफ फसल की कटाई के बाद Rabi Season की बुवाई शुरू होने पर खाद की मांग बढ़ने की संभावना है। खेती के लिहाज से बस्सी, चाकसू, सांगानेर और जमवारामगढ़ जैसे क्षेत्रों में Urea और DAP की खपत अधिक रहती है।
आमतौर पर रबी की फसल के लिए शुरुआत में DAP की मांग बढ़ती है और इसके बाद Urea की आवश्यकता होती है। मांग और आपूर्ति में अंतर होने पर किसानों को खाद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए सरकार वितरण व्यवस्था को पहले से व्यवस्थित करने की तैयारी कर रही है।
किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर
प्रस्ताव का उद्देश्य केवल बिक्री की सीमा तय करना नहीं, बल्कि किसानों तक Timely Fertilizer Supply सुनिश्चित करना भी है। अधिकारियों के अनुसार, यदि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ सकती है और जरूरत के मुताबिक किसानों को खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
फिलहाल प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार राजस्थान के इस Fertilizer Sale Framework को मंजूरी देती है या इसमें किसी तरह का बदलाव किया जाता है।

