नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने निर्यातकों को राहत देते हुए Remission of Duties and Taxes on Exported Products (RoDTEP) Scheme को 31 दिसंबर 2026 तक जारी रखने का फैसला किया है। योजना के तहत Domestic Tariff Units (DTUs), Advance Authorisation Holders, Special Economic Zone (SEZ) Units और Export Oriented Units (EOUs) से किए जाने वाले निर्यात को लाभ मिलता रहेगा।
Exporters को कैसे मिलेगा फायदा?
RoDTEP Scheme के तहत निर्यात किए जाने वाले उत्पादों पर लगने वाले ऐसे केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्क, टैक्स और लेवी की भरपाई की जाती है, जिनका पहले किसी अन्य व्यवस्था के तहत रिफंड या रिबेट नहीं मिल पाता था। इसमें निर्यात किए गए उत्पादों पर पड़ने वाले पिछले चरणों के संचयी अप्रत्यक्ष कर भी शामिल हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय निर्यातकों पर ऐसे करों और शुल्कों का अतिरिक्त बोझ न रहे, जिन्हें अन्य मौजूदा योजनाओं के तहत वापस नहीं किया जा सकता।
International Market में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने पर जोर
Commerce and Industry Ministry के अनुसार, RoDTEP Scheme को आगे बढ़ाने का फैसला सरकार की निर्यातकों को निरंतर समर्थन देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे भारतीय exporters को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले समान अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब भारतीय निर्यातकों के लिए global markets में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और लागत को नियंत्रित करना अहम है। 31 दिसंबर 2026 तक योजना जारी रहने से पात्र निर्यातकों को इसकी सुविधा मिलती रहेगी।
