कुल्लू. जिला कुल्लु में लापता हुए बच्चों में से 5 का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है. करीब 1 सप्ताह पहले लापता हुए टबिन्दर का भी कुछ पता नहीं चल पाया है.
252 नाबालिक बचे हुए लापता
वर्ष 2005 से लेकर अब तक जिला कुल्लु से 252 नाबालिक बचे लापता हुए है. जिनमें से 123 लड़कियां 129 लड़के शामिल है. प्रशासन अब तक 123 में से 121 लड़कियों को ही तलाश कर पाया है. जबकि 2 लड़कियों का कोई नामों निशान नहीं मिला है.
इसके साथ ही 129 लड़कों में से 126 लड़के तो मिल गए पर बाकी के 3 लड़के अभी तक गुमशुदा है. जिनमें भुंतर से लापता हुए ईशान, कुल्लु के हनुमानी बाग से लापता गनवारी छीमी का कोई सुराग और साथ ही मनाली से लापता दिल्ली निवासी इमरान का भी आज तक कोई पता नहीं लगा है.
2012 में शमशी से लापता मोनिका 2013 में मनाली से लापता अंजलि निवासी पतलीकूहल और ताजा घटनाक्रम में कुल्लु से लापता टबिन्दर का भी अभी तक कोई पता नही लगा है.
एसपी कुल्लू ने कहा कि पिछले 10 साल में 400 के करीब बच्चे लड़के और लड़कियां गुम हुए है. जिनमें से 5 का कोई सुराग नहीं लग पाया है.
पिछले हफ्ते कुल्लु से गुम हुए लड़के को ढूंढने के लिए पुलिस बल कार्यरत है. पुलिस ने उसके परिवार रिश्तेदार व मित्रो से उसके बारे में जानकारी हासिल करने और उसे ढूंढने की पूरी कोशिश की है .जल्दी बच्चे को ढूंढ कर उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा.