Operation Sindoor भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ऑपरेशन सिंदूर की विस्तृत जानकारी दी। यह ऑपरेशन हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में अंजाम दिया गया था।
राष्ट्रपति ने सराहा सेना का साहस और समर्पण
राष्ट्रपति भवन में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक की तस्वीर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक और संतुलित प्रतिक्रिया है। हमारी सशस्त्र सेनाओं की वीरता और प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की जवाबी कार्रवाई
Operation Sindoor भारत के तीनों सेनाओं ने समन्वित तरीके से पाकिस्तान और POK में स्थित 9 आतंकी शिविरों पर हमला किया। इनमें सियालकोट, मुरीदके और बहावलपुर जैसे पाकिस्तानी इलाकों के आतंकी ठिकाने शामिल थे, जबकि मुज़फ़्फ़राबाद, कोटली और भीमबर जैसे पीओके के छिपे अड्डों को भी निशाना बनाया गया। इस जवाबी हमले में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है।
पाकिस्तान द्वारा कुछ सीमावर्ती सैन्य और नागरिक ठिकानों पर गोलीबारी की गई, जिसके बाद भारत ने भी 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर हमले किए। इसके बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान: “हमारी लड़ाई आतंक के खिलाफ़ है, किसी धर्म या देश के नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ़ भारत का नया मानक है। अब भारत हर हमले का जवाब अपने तरीके से देगा और वहीं मारेगा जहां आतंकवाद पैदा होता है।
उन्होंने ऑपरेशन के तीन सिद्धांत गिनाए:
- हम पर हमला होगा, तो जवाब हमारी शर्तों पर होगा।
- परमाणु ब्लैकमेल को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- हम आतंकवादियों और उन्हें पनाह देने वाली सरकार के बीच कोई फर्क नहीं करेंगे।
पाकिस्तान का पर्दाफाश
PM मोदी ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित आतंकवाद को उजागर कर दिया है। मारे गए आतंकियों को श्रद्धांजलि देने पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी खुद पहुंचे, जो इस गठजोड़ का स्पष्ट प्रमाण है।
