नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 जून को BRICS कृषि सम्मेलन का शुभारंभ हो गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में 21 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहे भारत की मेजबानी में आयोजित यह सम्मेलन वैश्विक कृषि क्षेत्र के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों और उनके समाधान पर केंद्रित है।
सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के प्रतिनिधि कृषि, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। आयोजन 13 जून तक चलेगा।
पहले दिन कृषि कार्य समूह की बैठकों पर रहा फोकस
सम्मेलन के पहले दिन कृषि कार्य समूह (Agriculture Working Group) की बैठकों का आयोजन किया गया। सुबह से शुरू हुई ये बैठकें देर शाम तक चलीं। इन बैठकों को सम्मेलन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है क्योंकि इन्हीं के आधार पर आगामी मंत्रीस्तरीय चर्चाओं का एजेंडा तय किया जाएगा।
विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर हुई गहन चर्चा
सम्मेलन के शुरुआती सत्र में किसानों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को प्रमुखता से उठाया गया। विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते मौसम चक्र, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाएं कृषि उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं।
प्रतिनिधियों ने ऐसे कृषि मॉडल विकसित करने पर जोर दिया जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना कर सकें और किसानों की आय एवं उत्पादन क्षमता को सुरक्षित रख सकें।
खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यापार पर बनेगी रणनीति
सम्मेलन के दौरान खाद्य सुरक्षा, कृषि व्यापार, टिकाऊ खेती और कृषि क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। सदस्य देश इस बात पर विचार करेंगे कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती खाद्य मांग को कैसे पूरा किया जाए और कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी कैसे बनाया जाए।
सम्मेलन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना और साझा चुनौतियों के लिए सामूहिक समाधान तैयार करना है।
डिजिटल तकनीक और स्मार्ट फार्मिंग पर विशेष संवाद
12 जून को कृषि मंत्रियों के बीच एक विशेष संवाद आयोजित किया जाएगा। इस दौरान डिजिटल तकनीक, स्मार्ट फार्मिंग और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों पर चर्चा होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधानों के जरिए कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
13 जून को होगा मंत्रीस्तरीय सम्मेलन
सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण चरण 13 जून को आयोजित होने वाली मंत्रीस्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में सदस्य देशों के कृषि मंत्री पूरे सम्मेलन के निष्कर्षों की समीक्षा करेंगे और भविष्य की रणनीति पर सहमति बनाएंगे।
बैठक के अंत में एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किए जाने की संभावना है, जिसमें कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास से जुड़े साझा संकल्पों को शामिल किया जाएगा।
‘BRICS वाटिका’ में पौधारोपण से दिया जाएगा हरित भविष्य का संदेश
सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिए सदस्य देशों के प्रतिनिधि ‘BRICS वाटिका’ में सामूहिक पौधारोपण भी करेंगे।
यह पहल सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से की जा रही है।
वैश्विक कृषि सहयोग को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देगा। खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी नवाचार जैसे साझा मुद्दों पर BRICS देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में वैश्विक कृषि व्यवस्था को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
