नई दिल्ली: Commonwealth Games 2026 में भारत के लिए जूडो से शानदार खबर आई है। भारतीय खिलाड़ियों अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों खिलाड़ियों की जीत के साथ भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार जूडो में एक ही दिन दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
अस्मिता डे ने रचा इतिहास
23 वर्षीय अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेडी क्वाच को हराकर इतिहास रच दिया। वह Commonwealth Games में जूडो का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। शुरुआत में अस्मिता दबाव में नजर आईं और उन्होंने एक युको (Yuko) गंवा दिया। इसके बाद उन्हें एक पेनल्टी भी मिली, जिससे कनाडाई खिलाड़ी को बढ़त मिल गई।
हालांकि अस्मिता ने शानदार वापसी करते हुए आक्रामक खेल दिखाया और मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। निर्धारित समय तक दोनों खिलाड़ियों के बीच विजेता तय नहीं हो सका, जिसके बाद मुकाबला Golden Score में पहुंच गया।
गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने धैर्य बनाए रखा और निर्णायक हमला करते हुए एक और युको हासिल किया। इसी के साथ उन्होंने मुकाबला जीतकर भारत को जूडो का पहला Commonwealth Games गोल्ड दिला दिया।
हर्ष सिंह ने भी जीता ऐतिहासिक स्वर्ण
महिलाओं के मुकाबले के बाद भारत की खुशी दोगुनी हो गई, जब हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी खिलाड़ी जोशुआ कैट्ज़ को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
23 वर्षीय हर्ष सिंह ने अपने पहले ही Commonwealth Games में शानदार प्रदर्शन करते हुए करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता। वह राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पुरुष वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
रोमांचक रहा फाइनल मुकाबला
फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जोशुआ कैट्ज़ ने शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई, लेकिन हर्ष सिंह ने बेहतरीन रक्षा करते हुए उन्हें शुरुआती बढ़त लेने का मौका नहीं दिया।
मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने कई बार एक-दूसरे को मैट पर गिराने की कोशिश की। एक समय कैट्ज़ ने हर्ष को पिन करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार बचाव किया और पलटवार भी किया। हालांकि उस समय किसी को अंक नहीं मिले।
मुकाबले के अंतिम एक मिनट से भी कम समय पहले हर्ष सिंह ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए वाजा-अरी (Waza-ari) हासिल किया। यही निर्णायक अंक साबित हुआ और उन्होंने मुकाबला 10-0 से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
अस्मिता डे और हर्ष सिंह की जीत भारतीय जूडो के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। अस्मिता जहां राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, वहीं हर्ष सिंह पुरुष वर्ग में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।
दोनों खिलाड़ियों की सफलता ने न केवल भारत के पदक तालिका में इजाफा किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि भारतीय जूडो अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
