नई दिल्ली. केंद्र सरकार अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए Pradhan Mantri Anusuchit Jaati Abhyuday Yojana (PM-AJAY) लागू कर रही है। योजना के Adarsh Gram Component के तहत देशभर में अब तक 47,328 गांवों का चयन किया गया है। इनमें तेलंगाना के 435 गांव भी शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े जरूरी मानकों को बेहतर बनाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिल सके।
47 हजार से ज्यादा गांवों में विकास कार्यों की पहचान
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा में सांसद अनिल कुमार यादव मंडाडी के सवाल के लिखित जवाब में योजना से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि PM-AJAY Adarsh Gram Component के तहत देश के अलग-अलग राज्यों में 47,328 गांवों को चुना गया है। इन गांवों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को आपस में जोड़कर विकास की कमियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, योजना के तहत देशभर में अब तक 3,28,131 Development Works की पहचान की गई है। वहीं, इन योजनाओं से जुड़े संभावित लाभार्थियों की संख्या 1,10,51,213 है। इनमें से 46,642 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं और अब तक 47,59,399 Beneficiaries को इसका लाभ मिल चुका है।
10 क्षेत्रों के 50 सामाजिक-आर्थिक मानकों पर काम
PM-AJAY के Adarsh Gram Component के तहत गांवों के विकास को केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके अंतर्गत 10 अलग-अलग क्षेत्रों में 50 Monitorable Socio-Economic Indicators को पूरा करने पर ध्यान दिया जाता है। इनमें Education समेत ग्रामीण जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
किसी गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने से पहले Need Assessment Survey कराया जाता है। इसके जरिए यह पता लगाया जाता है कि गांव में किन बुनियादी और सामाजिक-आर्थिक सुविधाओं की कमी है। इसके बाद इन कमियों को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की मौजूदा योजनाओं का Convergence किया जाता है। जहां जरूरत होती है, वहां PM-AJAY के तहत भी जरूरी हस्तक्षेप किए जाते हैं।
PMAGY Portal पर लगातार अपडेट होती है प्रगति
सरकार ने बताया कि योजना के तहत राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति को नियमित रूप से PMAGY Portal पर अपडेट किया जाता है। इससे गांवों में चल रहे विकास कार्यों और उनके परिणामों की निगरानी करने में मदद मिलती है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित गांवों में सामाजिक-आर्थिक विकास के तय मानकों को अधिकतम स्तर तक हासिल किया जा सके।
तेलंगाना के 435 गांवों में भी योजना का लाभ
तेलंगाना में 435 गांवों का चयन PM-AJAY के Adarsh Gram Component के तहत किया गया है। राज्य में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े 3,529 Beneficiaries की पहचान की गई है। इनमें से 472 लाभार्थियों को अब तक योजना का लाभ मिल चुका है। इससे स्पष्ट है कि योजना के तहत शिक्षा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में भी लक्षित लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
Adarsh Gram की निगरानी और सत्यापन पर जोर
सरकार ने योजना के तहत चुने गए गांवों की स्थिति और दावों के सत्यापन को लेकर भी व्यवस्था की है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को Adarsh Gram की Self-Declaration को सत्यापित करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांवों में विकास से जुड़े दावों और उपलब्धियों की वास्तविक स्थिति की सही तरीके से जांच हो सके।
PM-AJAY के जरिए केंद्र सरकार का जोर अनुसूचित जाति बहुल गांवों में Inclusive Development, Basic Infrastructure, Education और Social Empowerment को मजबूत करने पर है। 47 हजार से अधिक गांवों का चयन और लाखों लाभार्थियों तक योजनाओं का पहुंचना इस दिशा में बड़े स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
