नई दिल्ली. ग्रामीण परिवारों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। ग्रामीण विकास विभाग (DoRD) और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन कवरेज बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक पेंशन योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं पहुंचाना है।
पेंशन सखियों के जरिए ग्रामीणों तक पहुंचेगी सुविधा
इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन से जुड़ी सेवाओं के लिए एक विशेष कैडर तैयार किया जाएगा, जिसे ‘पेंशन सखी’ के नाम से जाना जाएगा। पेंशन सखियां ग्रामीण लोगों को पेंशन योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ नामांकन कराने और पेंशन से संबंधित सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
सरकार का लक्ष्य खास तौर पर उन दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक पेंशन की सुविधा पहुंचाना है, जहां लोगों को वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी या सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती हैं।
DAY-NRLM के नेटवर्क का लिया जाएगा सहारा
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, इस साझेदारी में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के मजबूत सामुदायिक नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत पहले से काम कर रहीं बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (BC) सखियों और प्रशिक्षित सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों की सेवाओं का भी लाभ लिया जाएगा।
ये सामुदायिक कार्यकर्ता गांवों में लोगों के साथ सीधे संपर्क में रहते हैं। ऐसे में इनके माध्यम से पेंशन योजनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने और पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।
जागरूकता से लेकर नामांकन तक मिलेगी मदद
MoU के तहत ग्रामीण परिवारों को पेंशन योजनाओं के बारे में जागरूक करने, पात्र लोगों का नामांकन कराने और पेंशन से जुड़ी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। पेंशन सखियां लोगों को योजनाओं की प्रक्रिया समझाने और उन्हें उपलब्ध सेवाओं तक पहुंचने में सहयोग करेंगी।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, पेंशन योजनाओं तक पहुंच आसान होने से ग्रामीण परिवारों को भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करने में मदद मिल सकती है।
दूरदराज के क्षेत्रों पर रहेगा विशेष ध्यान
सरकार की यह साझेदारी उन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जहां पेंशन योजनाओं की पहुंच अभी सीमित है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोगों को इस व्यवस्था से जोड़ने से ग्रामीणों को अपने ही समुदाय के भीतर पेंशन से संबंधित सहायता मिल सकेगी।
ग्रामीण विकास विभाग और PFRDA की यह पहल ग्रामीण परिवारों को पेंशन प्रणाली से जोड़ने और देश में सामाजिक सुरक्षा के कवरेज को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
