नई दिल्ली. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात मुरासु (Cyclone Murasu) ने भारी तबाही मचाई है। मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह ओंगोल के पास कोठापटनम में तूफान का लैंडफॉल पूरा हो गया। इसके बाद राज्य के कई तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए तीन जिलों में रेड अलर्ट और बाकी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने और बिना जरूरी काम के बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, चक्रवात का लैंडफॉल मंगलवार तड़के करीब 1 बजे शुरू हुआ था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान ने सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
तेज हवाओं के कारण ओंगोल और आसपास के इलाकों में कई पेड़ उखड़ गए। बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और कुछ जगहों पर सामान्य जनजीवन भी बाधित हुआ है। बापटला में सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए दमकल और बचाव दल के कर्मचारी जुटे हुए हैं।
कोठापटनम में घरों में घुसा पानी, परिवारों को सुरक्षित जगह पहुंचाया
चक्रवात के असर से प्रकाशम जिले के कोठापटनम मंडल में कई घर पानी में डूब गए। गंगम्मा मंदिर क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने जिला परिषद स्कूल में बनाए गए राहत केंद्र में पहुंचाया है। तटीय इलाकों में तेज बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में समुद्र के सामान्य ज्वार से करीब 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची लहरों के कारण पानी भरने की आशंका जताई थी। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में इसका असर अधिक रहने की संभावना बताई गई।
तीन जिलों में रेड अलर्ट, बाकी जगह ऑरेंज चेतावनी
विशाखापत्तनम मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तीन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के निदेशक पीएलएन मूर्ति के अनुसार, चक्रवात अगले 12 घंटों तक उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके बाद इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान मंगलवार दोपहर तक कमजोर होकर सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। इसके बाद आधी रात तक इसके गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदलने का अनुमान है।
विजयवाड़ा में जलभराव, स्कूल बंद और उड़ानें रद्द
चक्रवात के कारण विजयवाड़ा के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। बंदर रोड और पॉलीक्लिनिक रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। एनटीआर जिले में मंगलवार को स्कूल बंद रखे गए हैं।
जिला प्रशासन के मुताबिक, अब तक एनटीआर जिले में किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए मोगलराजपुरम क्षेत्र के कुछ परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रशासन ने बुडामेरु जलग्रहण क्षेत्र पर भी निगरानी बढ़ा दी है। इसके अलावा चक्रवात के प्रभाव के कारण आंध्र प्रदेश में कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई है।
मछुआरों को दो दिन समुद्र में नहीं जाने की सलाह
मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों को साफ करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं।
