नई दिल्ली. देश में डाक सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने हिमाचल प्रदेश में ड्रोन आधारित डाक परिवहन सेवा की शुरुआत की है। डाक विभाग द्वारा शुरू की गई यह सेवा मंडी हेड पोस्ट ऑफिस और रेहरधार शाखा डाकघर के बीच संचालित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवाओं को अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
ग्रामीण डाक सेवकों के सुझाव से शुरू हुई पहल
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि ग्रामीण डाक सेवकों और डाक सहायकों के साथ बातचीत के दौरान दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर और तेज कनेक्टिविटी की आवश्यकता सामने आई थी। इन्हीं सुझावों को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने ड्रोन तकनीक का उपयोग शुरू करने का फैसला लिया। सरकार का मानना है कि इससे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में भी लोगों को समय पर डाक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
दो घंटे का सफर अब सिर्फ सात मिनट में
संचार मंत्रालय के अनुसार रेहरधार शाखा डाकघर मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है। पारंपरिक परिवहन व्यवस्था के जरिए यहां तक डाक पहुंचाने में दो घंटे से अधिक समय लगता था। लेकिन ड्रोन सेवा शुरू होने के बाद यही दूरी अब महज सात मिनट में तय की जा रही है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डाक वितरण व्यवस्था भी अधिक कुशल बनेगी।
हिमाचल और असम में 150 मार्गों पर होगा विस्तार
मंत्रालय ने बताया कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर हिमाचल प्रदेश और असम में करीब 150 चिन्हित मार्गों पर ड्रोन आधारित डाक सेवा शुरू करने की योजना है। इसके तहत ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां सड़क संपर्क सीमित है या परिवहन में अधिक समय लगता है।
डिजिटल और आधुनिक डाक व्यवस्था की ओर कदम
डाक विभाग की यह नई पहल भारत में डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में डाक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को सरकारी तथा निजी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
सरकार का मानना है कि आने वाले समय में ड्रोन आधारित डाक सेवा देश के अन्य दूरदराज और दुर्गम इलाकों में भी शुरू की जा सकती है, जिससे डाक वितरण व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकता है।
