नई दिल्ली. पिछले 10 सालों से जेल में बंद हैदराबाद बम ब्लास्ट के सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों के खिलाफ़ प्रयाप्त सबूत नही हैं जो उन्हें दोषी साबित करे.
इन सभी 10 आरोपियों को 2005 में हुए बम ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इनके संबंध बांग्लादेशी संगठन हरकतुल जिहाद-ए-इस्लामी (एचयूजेआई) से जुड़े होने की बात कही गई थी. इस मामले की पूरी जाँच के लिए एसआईटी की विशेष टीम गठित की गई थी.
क्या था मामला
बता दे कि एक युवक, पुलिस टास्क फ़ोर्स की बिल्डिंग के सामने पहुंचा था. वहां जब एक गार्ड ने उसे रोककर बातचीत करने की कोशिश की, तो युवक ने बताया कि उसका डीएसपी के साथ अपॉइंटमेंट है.
लेकिन जब दूसरे गार्ड ने उसे रोकने की कोशिश करते हुए उसके बैग की तलाशी लेने लगा तभी वह ब्लास्ट हो गया. एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने उसकी पहचान हरकतुल जिहाद इस्लामी ग्रुप के रूप में की थी.