बाढ़ का कहर : पूर्वोत्तर जानेवाली सभी ट्रेनें रद्द, 100 से अधिक मौतें

नई दिल्ली. बिहार और असम में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है जबकि पश्चिम बंगाल में जलस्तर में थोड़ी कमी आई है.प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में बाढ़ से अबतक 72 लोगों की जानें गईं हैं. वहीं, असम में आज हुई 11 मौतों के बाद बाढ़ से अबतक मरने वालों की संख्याा 39 हो चुकी है. जलस्तर में मामूली कमी आने के बावजूद पश्चिम बंगाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 32 तक पहुंच गयी है. बाढ़ की वजह से पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

बिहार में बाढ़ से 14 जिले के 73.44 लाख लोग प्रभावित हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 72 लोग अबतक बाढ़ की वजह से जान गंवा चुके हैं. जबकि हिन्दी अखबार प्रभात खबर के मुताबिक बिहार में मरने वालों की संंख्या 108 तक पहुंच चुकी है. बिहार के 14 जिले के 110 प्रखंड की 1151 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं. बाढ़ से प्रभावित 1.16 लाख लोगों को 504 विभिन्न राहत शिविरों में ले जाया गया है. मौसम विभाग ने बिहार में भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया है.

केन्द्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि बिहार के द्वारा मांगी गई 14 हजार 760 टन चावल की आपूर्ति कर दी गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी केन्द्र के द्वारा हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है.

असम में ब्रह्मपुत्र का कहर जारी

असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. असम में हाल में हुई 11 लोगों की मौत के बाद मरने वालोंं की संख्या 39 हो गई है. असम के कुल 35 जिलों में 25 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ की वजह से यहां के 33 लाख लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है.

पश्चिम बंगाल में मामूली सुधार

पश्चिम बंगाल में जलस्तर का बढ़ना रुक गया है लेकिन यहां की स्थिति भयावह बनी हुई है. पश्चिम बंगाल में 14 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. यहां बाढ़ से अबतक 32 लोगों की मौतें हो चुकी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाढ़ से मरने वालों को दो-दो लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा की है.

कटिहार से आगे नहीं जाएगी ट्रेनें

बाढ़ की वजह से रोड के साथ-साथ रेल लाइनों को भी काफी नुकसान पहुंचा है. रेलवे ने पूर्वोत्तर भारत की तरफ जाने वाली रेलगाड़ियों को 20 तारीख तक के लिए रद्द कर दिया है. वहीं, पूर्वोत्तर भारत के कई स्टेशनों पर यात्री फंसे हुए हैं. फिलहाल पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली ट्रेनें मालदा तथा कटिहार तक ही चलेंगी.

सीपीआरओ प्रवण ज्योति शर्मा के मुताबिक गुवाहाटी स्टेशन पर अब भी 120 यात्री फंसे हुए हैं. बाढ़ की वजह से पूर्वोत्तर भारत का देश के अन्य हिस्सों से संंपर्क कट गया है. रेलवे ने फंसे यात्रियों को निकालने के लिए गुवाहाटी से दालकोला तक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है.

राहत और बचाव के लिए राज्य आपदा बल को लगाया गया है.