नई दिल्ली. दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के लिए शुक्रवार से वार्षिक अमरनाथ यात्रा विधिवत शुरू हो गई। सुबह तड़के ही श्रद्धालुओं का पहला जत्था बालटाल और नुनवान (पहलगाम) आधार शिविरों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। यात्रा के पहले दिन हल्की बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरा वातावरण “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से भक्तिमय हो गया।
करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं। प्रशासन के अनुसार यात्रा पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग, दोनों रास्तों से एक साथ शुरू की गई।
पहलगाम और बालटाल दोनों आधार शिविरों से रवाना हुए श्रद्धालु
अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के नुनवान आधार शिविर और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग स्थित बालटाल आधार शिविर से सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालुओं के जत्थे रवाना हुए। इन जत्थों में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और साधु-संत शामिल हैं।
यात्रा को संबंधित जिलों के उपायुक्त (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़े।
जम्मू से गुरुवार को रवाना हुआ था पहला जत्था
इससे पहले गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 4,809 से अधिक श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह जत्था गुरुवार दोपहर कश्मीर घाटी पहुंचा, जहां प्रशासन और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके बाद सभी श्रद्धालु अपने-अपने निर्धारित आधार शिविरों में पहुंचे और शुक्रवार सुबह यात्रा के लिए रवाना हुए।
कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है यात्रा
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग और दोनों आधार शिविरों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य अर्धसैनिक बलों के हजारों जवान तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा पूरे यात्रा मार्ग पर आधुनिक निगरानी प्रणाली के साथ हवाई निगरानी (एरियल सर्विलांस) भी की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। प्रशासन लगातार मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है।
28 अगस्त को संपन्न होगी यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 28 अगस्त को होगा। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस कठिन लेकिन अत्यंत पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में भाग लेंगे और सभी आवश्यक सुविधाएं तथा सुरक्षा व्यवस्थाएं उनके लिए उपलब्ध कराई गई हैं।
