नई दिल्ली. सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का बजट पेश करते हुए इतिहास में पहली बार बजट आकार घटाया। इस बार बजट ₹58,514 करोड़ से घटाकर ₹54,928 करोड़ कर दिया गया।
BJP पर कर्ज के जाल में धकेलने का आरोप
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार की नीतियों के कारण राज्य आर्थिक संकट में पहुंचा। उन्होंने इसे “कर्ज का जाल” बताया।
विधानसभा में हंगामा, 20 मिनट तक गतिरोध
जब सुक्खू ने RDG और GST मुआवजा खत्म होने का मुद्दा उठाया, तो विपक्ष भड़क गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बीजेपी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की, जिससे करीब 20 मिनट तक कार्यवाही बाधित रही।
“ग्रीन बजट” पर जोर, केंद्र पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने “ग्रीन बजट” का बचाव करते हुए केंद्र सरकार पर राज्य के अधिकार छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने शानन पावर प्रोजेक्ट और 12% फ्री पावर शेयर का मुद्दा उठाया।
चुनावी गारंटियों को पूरा करने का वादा
सरकार ने वित्तीय दबाव के बावजूद 10 चुनावी गारंटियों को पूरा करने का भरोसा दिया। इसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) और महिला निधि जैसी योजनाएं शामिल हैं।
फिजूल खर्च पर लगाम, अधूरी परियोजनाओं पर फोकस
सरकार ने अनावश्यक खर्च कम करने और “अनचाहे संस्थानों” को बंद करने की बात कही। साथ ही 300 अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया।
खाली पड़े भवनों का होगा बेहतर उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान बने भवनों का अब “सर्वोत्तम उपयोग” सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वे बेकार न पड़े रहें।
