नई दिल्ली. भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हिमाचल प्रदेश का पांच दिवसीय दौरा आज से शुरू हो गया है। यह दौरा पारंपरिक “समर फेस्टिवल” का हिस्सा है, जिसके तहत राष्ट्रपति हर साल कुछ समय पहाड़ी राज्यों में बिताती हैं और वहां के विकास कार्यों की समीक्षा भी करती हैं। राष्ट्रपति शिमला के पास छराबड़ा स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रपति निवास The Retreat में ठहरेंगी, जो ब्रिटिश काल से जुड़ा एक प्रमुख स्थल है।
अटल टनल का रणनीतिक महत्व
29 अप्रैल को राष्ट्रपति Atal Tunnel का दौरा करेंगी। यह टनल सामरिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच पूरे साल कनेक्टिविटी बनाए रखती है। इस दौरान वह Border Roads Organisation (BRO) के अधिकारियों से मुलाकात कर टनल के निर्माण, रखरखाव और रणनीतिक उपयोग की जानकारी लेंगी।
शिक्षा और युवाओं पर फोकस
30 अप्रैल को राष्ट्रपति कांगड़ा जिले के पालमपुर स्थित Chaudhary Sarwan Kumar Agriculture University के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगी। इस कार्यक्रम में वह छात्रों को संबोधित करेंगी और कृषि क्षेत्र में नवाचार, रिसर्च और युवाओं की भूमिका पर जोर दे सकती हैं।
सेना के साथ संवाद
राष्ट्रपति शिमला में Army Training Command (ARTRAC) के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। यहां वह सेना के प्रशिक्षण और आधुनिक रणनीतियों से जुड़ी जानकारी लेंगी और जवानों से संवाद करेंगी।
स्थानीय कार्यक्रम और समीक्षा
दौरे के दौरान राष्ट्रपति अन्य जिलों का भी दौरा कर सकती हैं, जहां वह:
विकास परियोजनाओं की समीक्षा
स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक
पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए राज्यभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
शिमला में 1000+ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
मनाली, पालमपुर और अटल टनल क्षेत्र में विशेष निगरानी
ड्रोन और CCTV से निगरानी
ट्रैफिक डायवर्जन और आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी
कब होगी वापसी?
राष्ट्रपति Droupadi Murmu 2 मई को शिमला से दिल्ली लौटेंगी।
इस दौरे का महत्व:
हिमाचल में विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
सामरिक परियोजनाओं (जैसे अटल टनल) पर फोकस
शिक्षा और कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन
सेना और प्रशासन के साथ समन्वय मजबूत
