नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, गैरजरूरी खर्च कम करने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की थी। अब प्रधानमंत्री ने खुद इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपने आधिकारिक काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या लगभग 50 प्रतिशत तक कम कर दी है। प्रधानमंत्री ने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने पर भी जोर दिया है। हालांकि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीद नहीं की जाएगी। हाल ही में वडोदरा और गुवाहाटी दौरों के दौरान प्रधानमंत्री के काफिले में पहले की तुलना में काफी कम वाहन दिखाई दिए।
अमित शाह ने भी घटाया काफिला
प्रधानमंत्री की अपील के बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या आधे से कम कर दी है। सरकार के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता किए बिना संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, SPG और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जरूरी वाहनों को बनाए रखते हुए बाकी गाड़ियों में कटौती की गई है।
योगी सरकार ने भी लागू की नई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने और राज्य मंत्रियों के काफिलों में 50 प्रतिशत तक कटौती करने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम ईंधन बचत और सादगी अभियान का हिस्सा है। अब मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में भी कम गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने Carpooling को दिया बढ़ावा
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग पर सीमाएं तय कर दी हैं। उन्होंने दिल्लीवासियों से भी कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन बचत को जन आंदोलन बनाना जरूरी है। दिल्ली सरकार के सभी विभागों को जरूरत के अनुसार न्यूनतम वाहनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार सरकार ने दिए ‘नो व्हीकल डे’ के संकेत
बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने भी पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए कई फैसले लिए हैं। उन्होंने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या घटाने के साथ मंत्रियों और अधिकारियों से अतिरिक्त वाहन न लाने की अपील की है। इसके अलावा लोगों को मेट्रो, बस और ऑटो जैसे सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। राज्य सरकार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सरकारी बैठकें करने और सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का सुझाव भी दिया है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सादगी अभियान
राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने अपने काफिले को घटाकर केवल पांच गाड़ियों तक सीमित कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को भी अनावश्यक वाहनों से बचने के निर्देश दिए हैं। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। साथ ही वाहन रैलियों पर रोक लगाने और मंत्रियों को न्यूनतम गाड़ियों के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा बचत और आर्थिक मजबूती पर सरकार का फोकस
केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की ओर से उठाए गए इन कदमों को ईंधन बचत और आर्थिक अनुशासन की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि यदि आम लोग भी पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं तो देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिल सकती है।
