नई दिल्ली. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने कहा है कि डॉ. Syama Prasad Mookerjee का सपना अनुच्छेद 370 हटाए जाने के साथ साकार हो गया। उन्होंने डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए उनके योगदान को याद किया।
नई दिल्ली में NAFED के डिजिटल ऑक्शन पोर्टल के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि 23 जून भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
पश्चिम बंगाल को भारत में बनाए रखने में निभाई अहम भूमिका
अमित शाह ने कहा कि देश के विभाजन के दौर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों के कारण पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और देश की अखंडता के लिए संघर्ष किया।
अनुच्छेद 370 का मुखर विरोध करते थे डॉ. मुखर्जी
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी इस व्यवस्था के प्रबल विरोधी थे। उन्होंने कहा था कि एक देश में दो संविधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चल सकते।
अमित शाह ने कहा कि वर्षों पहले डॉ. मुखर्जी ने जिस विचार को सामने रखा था, वह आज अनुच्छेद 370 हटने के बाद वास्तविकता बन चुका है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा का किया जिक्र
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने डॉ. मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ की यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनसंघ की विचारधारा और राष्ट्रवादी सोच ही आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी की नींव बनी।
किसानों को MSP का पूरा लाभ दिलाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कृषि खरीद प्रणाली में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दलहन और तिलहन की खरीद सीधे किसानों से की जानी चाहिए ताकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ किसानों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जिसमें किसान सीधे खरीद एजेंसियों से जुड़ सकें और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
NAFED की उपलब्धियों का किया उल्लेख
गृह मंत्री ने NAFED की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 12 वर्ष पहले यह संस्था गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही थी, लेकिन आज यह 74 लाख किसानों की सेवा करने वाली मजबूत संस्था बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि NAFED का वर्तमान कारोबार लगभग 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और संस्था करीब 500 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित कर रही है।
कृषि उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि: शिवराज सिंह चौहान
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि पिछले एक दशक में देश के कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने NAFED और NCCF की टीमों को आधुनिक तकनीक के उपयोग के लिए बधाई देते हुए कहा कि नई डिजिटल व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और किसान हितैषी बनी है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खातों में प्राप्त हो रहा है।
किसानों के लिए कई नई डिजिटल पहल शुरू
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने किसानों और सहकारी क्षेत्र से जुड़ी कई नई योजनाओं का भी शुभारंभ किया। इनमें NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति योजना, दाल एवं तिलहन भंडारण प्रबंधन के लिए DRISHTI पोर्टल और संगठनात्मक कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ERP पोर्टल शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इन डिजिटल पहलों से सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, किसानों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और कृषि विपणन व्यवस्था अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बन सकेगी।

