नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता (Air Quality Index) 226 तक पहुंचने के बाद ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP)’ का स्टेज-1 लागू कर दिया गया है। यह कदम तब उठाया जाता है जब हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी (201–300 AQI) में पहुंच जाती है और आगे बिगड़ने की संभावना होती है।
AQI खराब होने की वजह
अधिकारियों के अनुसार, इस समय मौसम की स्थिति प्रदूषण के फैलाव के लिए अनुकूल नहीं है। हवा की गति कम होने और तापमान में बदलाव के कारण धूल और प्रदूषक कण वातावरण में बने हुए हैं। इसके अलावा वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और स्थानीय उत्सर्जन भी AQI बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।
GRAP-1 के तहत क्या प्रतिबंध लागू हुए?
स्टेज-1 के तहत कई एहतियाती कदम लागू किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्त पालन
खुले में कचरा और पत्तियां जलाने पर रोक
सड़कों की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी
लोगों को निजी वाहन कम इस्तेमाल करने की सलाह
नागरिकों के लिए सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ‘खराब’ AQI में लंबे समय तक बाहर रहना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए:
सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
मास्क का उपयोग करें
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी गई है
सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने को कहा गया है
आगे का पूर्वानुमान
IMD और IITM के अनुमान के अनुसार अगले 2 दिनों तक दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है। अगर स्थिति और बिगड़ती है तो GRAP के और सख्त चरण (स्टेज-2 या उससे ऊपर) भी लागू किए जा सकते हैं।
मौसम का असर
दिल्ली में तापमान भी बढ़ रहा है और 40°C से ऊपर दर्ज किया गया है। गर्म और शुष्क मौसम प्रदूषकों के फैलाव को और मुश्किल बना रहा है, जिससे हवा की गुणवत्ता पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
