नई दिल्ली: भारतीय संगीत जगत को आज बड़ा झटका लगा है। दिग्गज गायिका और पद्म विभूषण सम्मानित आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। उनके निधन पर द्रौपदी मुर्मू, सी. पी. राधाकृष्णन और नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुंबई में अंतिम संस्कार, कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा अंतिम विदाई
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री अशिष शेलार ने उनके निधन की पुष्टि की। बताया गया कि उन्हें सीने में संक्रमण और थकावट के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
संगीत जगत की अपूरणीय क्षति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति है और उनकी आवाज ने एक पूरे युग को परिभाषित किया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उनकी बहुमुखी आवाज ने ग़ज़ल, भजन और फिल्मी गीतों में अमिट छाप छोड़ी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक बताते हुए कहा कि उनकी गायकी ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और करोड़ों दिलों को छुआ।
हजारों गीतों की विरासत छोड़ गईं
1933 में जन्मी आशा भोसले ने 9 साल की उम्र से गायन शुरू किया था। उन्होंने अपने करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए और कई पीढ़ियों की अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी।
उनके प्रसिद्ध गीतों में ‘अभी ना जाओ छोड़ कर’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दिल चीज़ क्या है’, ‘इन आंखों की मस्ती’ जैसे सदाबहार गीत शामिल हैं।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
राजनाथ सिंह और अमित शाह ने भी उनके निधन को संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आशा भोसले की संगीत विरासत हमेशा जीवित रहेगी।
हमेशा गूंजती रहेगी आवाज
आशा भोसले की मधुर आवाज और अनोखी गायकी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनका संगीत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।
