सोलन. बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के मकसद से हिमाचल प्रदेश के सोलन में सरकार ने ऑटो रिक्शा का परमिट जारी किए थे, लेकिन आज आलम ये है कि शहर में सभी नियम कानून को ताक पर रखकर धड़ल्ले से 300 के करीब ऑटो सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं. प्रशासन भी शहर से इन ऑटो रिक्शा की तादात को कम करने में असफल रहा है.
अब परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी को रोकने की तैयारी कर रहा है. सोलन शहर के बीस किलोमीटर के क्षेत्रफल में 300 के करीब ऑटो बिना रुके सारा दिन इधर से उधर भागते हुए नजर आते है जिससे जहां एक तरफ शहर में जाम की स्थिति बनती है. वहीं डीजल वाले ऑटो चलने से प्रदुषण को भी बढ़ावा मिल रहा है.
क्षेत्रीय परिवहन विभाग द्वारा सोलन मुख्यालय को पांच क्षेत्रो में बांटा गया, जिसमें सोलन शहर, धर्मपुर, कंडाघाट, नौणी और देवठी क्षेत्र के लिए परमिट जारी किये गए थे, लेकिन अधिकतर ऑटो चालक शहर में ही अपना ऑटो चला रहे है.
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एम डी शर्मा से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के लिये परमिट आबंटित किये गए थे, लेकिन देखने में आया है कि अधिकतर ऑटो रिक्शा सोलन मुख्यालय की सड़कों पर ही चलाये जा रहे हैं, जिससे शहर में जाम लग रहे हैं और प्रदूषण भी बढ़ रहा है.