नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े कपड़ा उद्योग मेले भारत टेक्स 2026 की शुरुआत मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुई। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने इस भव्य आयोजन का उद्घाटन किया। चार दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में भारत के साथ दुनिया के कई देशों से उद्योगपति, खरीदार, निवेशक और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह आयोजन भारत को वैश्विक कपड़ा कारोबार का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
130 से ज्यादा देशों की भागीदारी
इस बार भारत टेक्स 2026 में 130 से अधिक देशों के 6,000 से ज्यादा खरीदार शामिल हुए हैं। इसके अलावा 1.30 लाख से अधिक व्यापारिक आगंतुक इस आयोजन में पहुंचने की उम्मीद है। प्रदर्शनी में 20 हजार से ज्यादा कपड़ा उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। आयोजन का क्षेत्रफल करीब 16 लाख वर्ग फुट है, जहां कपड़ा उद्योग से जुड़ी हर तरह की जानकारी और उत्पाद एक ही जगह उपलब्ध हैं।
भारत के कपड़ा उद्योग की पूरी झलक
भारत टेक्स 2026 में कपास, धागा, कपड़ा, तैयार परिधान, घरेलू कपड़े, तकनीकी वस्त्र, हथकरघा, हस्तशिल्प, मशीनें और उनसे जुड़े उद्योगों को प्रदर्शित किया गया है। साथ ही तिरुपुर, इचलकरंजी और अहमदाबाद जैसे प्रमुख कपड़ा केंद्रों की विशेष झलक भी देखने को मिल रही है।
कई देशों से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल
इस आयोजन में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, रूस, स्पेन, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका और म्यांमार सहित कई देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।
कई राज्यों ने भी दिखाई अपनी ताकत
भारत टेक्स 2026 में मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने अपने औद्योगिक ढांचे, निवेश की संभावनाओं और सरकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया है। वहीं आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, मणिपुर, राजस्थान और पश्चिम बंगाल ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई है।
निवेश और कारोबार पर रहेगा खास फोकस
चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 100 से अधिक चर्चा सत्र, विशेषज्ञों की बैठकें और व्यापारिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सरकार का लक्ष्य हजारों व्यापारिक बैठकों के माध्यम से नए निवेश और कारोबार को बढ़ावा देना है। इस दौरान व्यापार, नई तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, फैशन और निर्यात जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
भारत और फ्रांस के बीच बढ़ेगा सहयोग
कार्यक्रम के दौरान भारत टेक्स और फ्रांस के प्रमुख फैशन एवं कपड़ा मंच के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से भारतीय कपड़ा उद्योग, विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों को यूरोपीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। इससे भारतीय निर्यातकों और डिजाइनरों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
कपड़ा उद्योग को नई पहचान देने की कोशिश
उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत टेक्स अब केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भारत की कपड़ा क्षमता दिखाने वाला बड़ा मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘खेत से रेशा, रेशा से कारखाना, कारखाने से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार’ के विजन को आगे बढ़ाने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि भारत टेक्स 2026 से देश के कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इससे निवेश बढ़ेगा, निर्यात को गति मिलेगी, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और भारत दुनिया के भरोसेमंद कपड़ा निर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
