नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता Jagat Prakash Nadda ने दावा किया है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी तय है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए पंचायती राज चुनावों के नतीजों ने साफ संकेत दे दिया है कि राज्य की जनता भाजपा के पक्ष में खड़ी है।
शिमला में भाजपा के “12 वर्ष विश्वास, विकास और जनकल्याण” अभियान के तहत आयोजित बुद्धिजीवी सम्मेलन को संबोधित करते हुए नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने अधिकांश स्थानीय निकायों में जीत दर्ज की है, जिससे 2027 की राजनीतिक दिशा स्पष्ट हो गई है।
‘अब कांग्रेस के जाने और भाजपा के आने की बारी’
अपने संबोधन में नड्डा ने कहा कि जनता ने संकेत दे दिया है कि अब कांग्रेस सरकार की विदाई और भाजपा की वापसी का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के नतीजे राज्य में बदलते जनमत को दर्शाते हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम हैं।
कांग्रेस ने किया पलटवार
हालांकि मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu और कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के दावे को खारिज किया है। कांग्रेस का कहना है कि पंचायती राज चुनाव पार्टी चिन्हों पर नहीं लड़े गए थे, इसलिए इन्हें किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का जनादेश नहीं माना जा सकता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Vinay Kumar ने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को सस्ते गैस सिलेंडर और रोजगार देने के वादे पूरे नहीं हुए, जिससे आम जनता परेशान है।
भाजपा ने गिनाईं केंद्र सरकार की उपलब्धियां
नड्डा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि All India Institute of Medical Sciences, नए मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने राज्य के विकास को नई गति दी है।
उन्होंने कहा कि Jal Jeevan Mission, Pradhan Mantri Ujjwala Yojana और Pradhan Mantri Awas Yojana जैसी योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है और ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास पहुंचा है।
2027 चुनाव पर तेज होगी सियासत
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अब 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी रणनीतियां मजबूत कर रहे हैं। जहां भाजपा पंचायत चुनावों के नतीजों को अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे स्थानीय स्तर का चुनाव बताते हुए राज्य सरकार के कामकाज पर जनता के भरोसे का दावा कर रही है। आने वाले समय में हिमाचल की राजनीति में यह बहस और तेज होने की संभावना है।

