नई दिल्ली : प्रधानमंत्री Narendra Modi ने “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर आयोजित तीसरे पोस्ट-बजट वेबिनार को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 का उद्देश्य भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और कृषि को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इस वेबिनार में सरकार, उद्योग और किसान समुदाय से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। यह सत्र पहले हुए वेबिनारों की कड़ी था, जिनमें तकनीक, नवाचार और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।
किसानों के लिए सरकार का मजबूत समर्थन
प्रधानमंत्री ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सरकार के लगातार प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाया गया है, जैसे:
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।
पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत करीब 2 लाख करोड़ रुपये के बीमा दावों का भुगतान किया गया है।
संस्थागत ऋण की पहुंच 75 प्रतिशत से अधिक किसानों तक बढ़ाई गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से किसानों के जोखिम कम हुए हैं और उन्हें बुनियादी आर्थिक सुरक्षा मिली है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सुधार का भी उल्लेख किया, जिसके तहत किसानों को लागत से 1.5 गुना तक लाभ मिलता है। साथ ही उन्होंने उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि भारतीय कृषि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सके।
निर्यात उन्मुख कृषि को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने उच्च मूल्य और निर्यात आधारित फसलों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष पहलों का जिक्र किया, जैसे:
कोको, काजू और चंदन
उत्तर-पूर्वी राज्यों में अगरवुड
हिमालयी राज्यों में समशीतोष्ण मेवा फसलें
उन्होंने कहा कि उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ाने से प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने मत्स्य पालन को भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया और कहा कि भारत में अतिरिक्त 20 लाख टन मछली उत्पादन की क्षमता है। इससे ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा मिलेगा और निर्यात के साथ ग्रामीण समृद्धि भी बढ़ेगी।
तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कुछ प्रमुख पहल का उल्लेख किया, जैसे:
एग्रीस्टैक के जरिए खेती से जुड़े सिस्टम का डिजिटल एकीकरण
ई-नाम और डिजिटल मार्केटप्लेस
किसान आईडी और डिजिटल भूमि सर्वे
उन्होंने कहा कि जब संस्थाएं तकनीक को अपनाती हैं और उद्यमी उस पर नवाचार करते हैं, तभी तकनीक के बेहतर परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से पारंपरिक खेती और तकनीक को प्रभावी तरीके से जोड़ने के सुझाव देने का आग्रह भी किया।
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत दूध उत्पादन में दुनिया में पहला और अंडा उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश है। उन्होंने पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए इन बातों पर जोर दिया:
बेहतर नस्ल और रोग नियंत्रण
वैज्ञानिक पशु प्रबंधन
पशुपालन अवसंरचना विकास कोष का बेहतर उपयोग
उन्होंने बताया कि फुट एंड माउथ डिजीज जैसी बीमारियों से पशुओं की सुरक्षा के लिए 125 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं।
फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती
प्रधानमंत्री ने किसानों से एक ही फसल पर निर्भरता कम करने और फसल विविधीकरण को अपनाने की अपील की। इसके लिए सरकार दालों और खाद्य तेलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि बजट की योजनाओं को जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में राज्य सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि
प्रधानमंत्री ने “लखपति दीदी” अभियान का भी उल्लेख किया, जिसका लक्ष्य 2029 तक 3 करोड़ और महिलाओं को सफल उद्यमी बनाना है। उन्होंने कहा कि हितधारकों के सुझाव इस कार्यक्रम को और तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने उद्यमियों और किसानों से कृषि-फिनटेक, सप्लाई चेन नवाचार और आधुनिक भंडारण समाधान में निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस वेबिनार से निकले विचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे।
इस वेबिनार ने यह स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को सशक्त बनाने, तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा देने और केंद्रीय बजट 2026 के माध्यम से समग्र ग्रामीण परिवर्तन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
