नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश के समग्र विकास को गति देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने औद्योगिक, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
BHAVYA योजना से औद्योगिक क्रांति
कैबिनेट ने भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत देशभर में 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके लिए 33,660 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य विश्वस्तरीय औद्योगिक ढांचा तैयार करना है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
इन पार्कों का आकार 100 से 1000 एकड़ तक होगा और प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
कपास किसानों को MSP का सहारा
किसानों के हित में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए कॉटन सीजन 2023-24 के लिए 1,718 करोड़ रुपये से अधिक की MSP फंडिंग को मंजूरी दी है।
यह राशि कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) को दी जाएगी, जिससे किसानों को सीधे मूल्य समर्थन मिल सके।
सरकार का कहना है कि MSP ऑपरेशन खासकर तब किसानों की मदद करते हैं, जब बाजार कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चली जाती हैं।
स्मॉल हाइड्रो पावर को बढ़ावा
कैबिनेट ने 2026-27 से 2030-31 तक के लिए स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी है।
इस योजना पर 2,584 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे और इसके तहत करीब 1500 मेगावाट क्षमता के छोटे जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।
इसके साथ ही राज्यों को लगभग 200 परियोजनाओं की DPR तैयार करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
यूपी में 4-लेन हाईवे को मंजूरी
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने बाराबंकी से बहराइच तक 101 किलोमीटर लंबे चार-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को मंजूरी दी है।
इस परियोजना पर 6,969 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। सरकार का कहना है कि इससे राज्य में आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
कैबिनेट के इन फैसलों से उद्योग, कृषि, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर—चारों क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, जो देश को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाएगा।
