नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशक Praveen Sood के कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार कर दिया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने 24 मई के बाद भी उन्हें सीबीआई प्रमुख के पद पर बनाए रखने की मंजूरी दे दी है।
2023 में बने थे सीबीआई निदेशक
Praveen Sood ने मई 2023 में सीबीआई निदेशक का पद संभाला था। उन्हें दो वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया था, जो इस महीने समाप्त होने वाला था। अब सरकार के फैसले के बाद वह अगले एक साल तक इस पद पर बने रहेंगे। प्रवीण सूद 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और कर्नाटक कैडर से आते हैं। सीबीआई प्रमुख बनने से पहले वह कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत थे।
लंबे अनुभव वाले आईपीएस अधिकारी हैं प्रवीण सूद
प्रवीण सूद को पुलिसिंग और जांच एजेंसियों में लंबे अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है। उन्होंने कर्नाटक में कानून-व्यवस्था, अपराध जांच, ट्रैफिक प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है।
उनकी गिनती तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों में होती है। कर्नाटक में सेवा के दौरान उन्होंने कई डिजिटल और स्मार्ट पुलिसिंग परियोजनाओं को लागू किया था।
चयन समिति ने की थी नियुक्ति
सीबीआई निदेशक की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके प्रतिनिधि वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिश पर की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत 2023 में प्रवीण सूद को सीबीआई निदेशक चुना गया था।
कई अहम मामलों की जांच कर रही है CBI
वर्तमान में सीबीआई कई बड़े भ्रष्टाचार, बैंक घोटाले, आर्थिक अपराध और हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों की जांच कर रही है। ऐसे समय में सरकार द्वारा प्रवीण सूद के कार्यकाल को बढ़ाना एजेंसी में निरंतरता बनाए रखने के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है CBI?
Central Bureau of Investigation देश की प्रमुख जांच एजेंसी है, जो भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध, विशेष अपराध और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करती है। यह कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के अधीन कार्य करती है।
