नई दिल्ली. सिद्धारमैया ने गुरुवार, 28 मई को थावरचंद गहलोत के कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंप दिया। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा, जिसके बाद अब उपमुख्यमंत्री DK Shivakumar के राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
कांग्रेस हाईकमान के फैसले के बाद बदला नेतृत्व
दिल्ली में 26 मई को हुई बंद कमरे की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और KC Venugopal मौजूद थे। इसी बैठक में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया गया।
कैबिनेट बैठक में सिद्धारमैया ने किया ऐलान
गुरुवार सुबह आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों को बताया कि वह इस्तीफा दे रहे हैं और डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे। इसके बाद उन्होंने लोक भवन में राज्यपाल सचिवालय को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल इस समय निजी दौरे पर इंदौर में हैं।
लंबे समय से चल रही थी सत्ता परिवर्तन की चर्चा
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पिछले कई महीनों से अटकलें लगाई जा रही थीं। डीके शिवकुमार के एक सोशल मीडिया पोस्ट “Word power is world power” के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई थी। इसके जवाब में सिद्धारमैया ने कहा था कि “शब्द तभी ताकत बनते हैं जब वे जनता के लिए काम करें।”
2023 में हुआ था सत्ता साझा करने का समझौता
सूत्रों के अनुसार 2023 विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर सत्ता साझा करने का फॉर्मूला तय हुआ था। बताया जाता है कि उस समय राहुल गांधी, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच बातचीत हुई थी। बाद में Sonia Gandhi से भी वीडियो कॉल पर चर्चा की गई थी।
AHINDA राजनीति के बड़े चेहरे रहे सिद्धारमैया
3 अगस्त 1948 को मैसूर जिले के सिद्धारमनहुंडी गांव में जन्मे सिद्धारमैया कर्नाटक की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह कुरुबा समुदाय से आते हैं और उनकी राजनीति सामाजिक न्याय तथा AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित) गठजोड़ पर आधारित रही है।
जनता दल से कांग्रेस तक का लंबा सफर
सिद्धारमैया ने 1983 में लोकदल के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। बाद में उन्होंने जनता दल और JD(S) में कई अहम पद संभाले। एचडी देवेगौड़ा से मतभेद के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और 2013 में पार्टी को बड़ी जीत दिलाकर मुख्यमंत्री बने।
पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले CM बने थे
2013 से 2018 तक सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री के रूप में पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। वह करीब 40 वर्षों में ऐसा करने वाले पहले कर्नाटक मुख्यमंत्री बने थे। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने रिकॉर्ड 17 बार राज्य का बजट पेश किया।
दूसरी पारी में लागू कीं पांच गारंटी योजनाएं
2023 में दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद सिद्धारमैया सरकार ने कांग्रेस की पांच गारंटी योजनाओं को लागू किया। इनमें गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति, अन्न भाग्य, शक्ति और युवा निधि जैसी योजनाएं शामिल थीं।
हिजाब प्रतिबंध हटाने और ‘जीरो ट्रैफिक’ खत्म करने का फैसला
सिद्धारमैया सरकार ने पिछली बीजेपी सरकार द्वारा लागू हिजाब प्रतिबंध को हटाते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अलावा उन्होंने VIP मूवमेंट के दौरान लागू ‘जीरो ट्रैफिक’ व्यवस्था भी खत्म कर दी थी ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
अब DK शिवकुमार पर होंगी सबकी नजरें
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें डीके शिवकुमार पर टिकी हैं, जो जल्द ही कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं।
