नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने Citizenship Amendment Act (CAA), 2019 के तहत लंबित नागरिकता आवेदनों की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिला कलेक्टरों को CAA के तहत प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई करने और नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अधिकार दिया गया है। इससे पहले इन आवेदनों की जांच और प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों वाली Empowered Committees जिम्मेदार थीं। इन समितियों में Census, Intelligence Bureau (IB) और Postal Department समेत विभिन्न केंद्रीय विभागों के अधिकारी शामिल थे।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा नया प्रावधान
गृह मंत्रालय के 19 अगस्त के आदेश के अनुसार, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के District Collectors को CAA applications की प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है। हालांकि, असम और त्रिपुरा के tribal areas को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। नए आदेश के बाद इन क्षेत्रों में पहले काम कर रही बहु-विभागीय Empowered Committees की भूमिका समाप्त हो जाएगी और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया जिला स्तर पर की जा सकेगी।
Central Committee की व्यवस्था में हुआ बदलाव
इस फैसले के बाद CAA के तहत नागरिकता आवेदनों की processing के लिए पहले से लागू multi-agency mechanism में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पहले केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी मिलकर आवेदनों की जांच करते थे। अब जिला प्रशासन को अधिकार दिए जाने से आवेदन प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य लंबित मामलों की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना माना जा रहा है।
2024 में लागू हुए थे CAA Rules
Citizenship Amendment Act से जुड़े Rules पहली बार 11 मार्च 2024 को लागू किए गए थे। इसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों के लिए नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया था। यह प्रावधान उन लोगों पर लागू होता है, जो 31 दिसंबर 2014 तक भारत में प्रवेश कर चुके थे और जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं थे या जिन्होंने बिना वैध दस्तावेज के भारत में प्रवेश किया था।
छह समुदायों के लिए नागरिकता प्रक्रिया का प्रावधान
CAA के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए Hindu, Sikh, Buddhist, Jain, Parsi और Christian समुदायों के पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए निर्धारित शर्तों और नियमों के अनुसार आवेदन की जांच की जाती है। 2024 में Rules अधिसूचित होने के बाद नागरिकता आवेदन प्रक्रिया को लेकर केंद्र स्तर पर व्यवस्था बनाई गई थी।
जिला स्तर पर प्रक्रिया को मिलेगी नई दिशा
गृह मंत्रालय का नया आदेश CAA के तहत लंबित आवेदनों की processing व्यवस्था में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव है। आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में District Collectors को अधिकार मिलने के बाद नागरिकता आवेदनों की जांच और प्रक्रिया जिला प्रशासन के स्तर पर आगे बढ़ाई जा सकेगी। इससे पहले जिम्मेदारी संभाल रही केंद्रीय Empowered Committees की व्यवस्था को अब इन क्षेत्रों में बदल दिया गया है।

