मुख्यमंत्री ने किया राजकीय माघी पूर्णिमा मेले का उद्घाटन

साहेबगंज. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि माघी पूर्णिमा के अवसर पर गंगा में स्नान झारखण्ड की आदिवासी संस्कृति में बहुत ही पवित्र माना गया है. हमारी सरकार ने राजमहल साहेबगंज में माघ पुर्णिमा के मौके पर लगने वाले इस मेले को राजकीय मेले का दर्जा देकर व्यापक स्वरूप प्रदान किया है.

सीएम ने मांगी मां गंगा से प्रदेश की गरीबी को मिटाने की शक्ति

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति प्रेमी हैं. आदिवासियों की सांस्कृति को अक्षुण्ण बनाए  रखने के लिए हम कृतसंकल्पित हैं. मुख्यमंत्री ने गंगा पूजन किया और मां गंगा से प्रदेश की गरीबी को मिटाने की शक्ति मांगी.  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मारिका “ सगुन सकाम ” का विमोचन किया तथा 30 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास भी किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड का नारा है अपना गांव-अपना काम, सभी आदिवासी बहुल गांव में “ आदिवासी विकास समिति ” तथा जहाँ आदिवासी एवम गैर आदिवासी गांव दोनों निवास करते हैं वहां “ ग्राम विकास समिति ” का निर्माण करें जो गांव के विकास की योजनाओं का चयन कर सकें.

27000 गांव में ग्राम समन्वयक नियुक्त होंगे

उन्होंने कहा कि गांवों को विकसित करना है. हर गरीब के हाथ में रोजगार उपलब्ध कराना है. स्वरोजगार की क्रांति लानी है. झारखण्ड के 27000 गांव में ग्राम समन्वयक नियुक्त कर स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. रघुवर दास ने  कहा कि 24 लाख 53 हजार से मांझी थान का निर्माण होगा. 2000 करोड़ की जोहार योजना-(गरीबी उन्मूलन योजना) धरातल पर लानी है. मुर्गीपालन, सुकरपालन इत्यादि को बढ़ावा देना है. 2022 तक कोई गरीब न हो कोई बेघर न हो इस हेतु सरकार प्रतिबधता से कार्य कर रही है. सरकार भूमिहीन मजदूरों को 12.5 डिसमिल जमीन खेती के लिए देगी.

500 करोड़ के ‘ रेडी टू ईट फ़ूड ’ योजना से जुड़ेंगे आदिवासी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी एवम गैर आदिवासी महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के मध्यम से 500 करोड़ का ‘ रेडी टू ईट फ़ूड ’ योजना से जोड़ा जाएगा. जल आपूर्ती के लिए प्लांट लगाया जाएगा, जिससे सभी गांव में पेय जलापूर्ति की आपूर्ती की जाएगी. 2022 तक पूरे 27,000 गांव को इससे लाभान्वित किया जाएगा.

आदिवासी समुदाय को जागृत होने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा से परिपूर्ण प्रदेश के लोगों को सुखी सम्पन्न बनाना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है. शोषित, वंचित समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के चेहरे पे मुस्कान लाना हमारा कर्तव्य है. आदिवासी समाज सजग है लेकिन और जागृत होना होगा तब तीव्र गति से विकास होगा. शिक्षा से हम गरीबी मिटा सकते हैं.  बेटा-बेटी में कोई फर्क न करें. बाल विवाह को रोकने हेतु लोगों में जागरूक्ता फैलाएं. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सेवा भाव से कार्य करें. अपने कर्तव्यों का निर्वहन जिम्मेदारी के साथ करें. भ्रष्टाचार मुक्त शासन, हमारा लक्ष्य है.