समय व धन बचाने के लिए विकासात्मक कार्यों को समय पर पूरा करेंः सीएम जयराम ठाकुर

शिमला. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 2018-19 की वार्षिक योजना के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए लागत और अधिक समय से बचने के लिए विकास योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर बल दिया.

उन्होंने कहा कि कार्यान्वयन चरण में योजनाओं की नियमित रूप से निगरानी करना आवश्यक है. उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को काम न देने पर बल दिया, जो काम की गुणवत्ता के साथ समझौता करते हैं और परियोजनाओं में अनावश्यक देरी करते हैं. उन्होंने वित्त वर्ष के अन्त में धनराशि को वापिस करने के बजाए बजट का समय पर उपयोग करने के निर्देश दिए.

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की आवश्यकता है और पर्याप्त बजट प्रावधान के साथ पहले से ही स्वीकृत परियोजनाओं पर किस प्रकार कार्य किया जाए, इस बारे जानने की आवश्यकता है. आज के पूर्वाहन सत्र में कांगड़ा तथा किन्नौर जिलों के विधायकों ने भाग लिया।

नूरपुर विधानसभा

नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक  राकेश पठानिया ने पड़ोसी राज्य पंजाब से बजरी की आपूर्ति को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि क्योंकि सरकार ने अन्तरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्र नूरपुर में अवैध खनन के विरूद्ध कार्रवाही की है और पड़ोसी राज्य पंजाब से बजरी का अवैध भण्डार 2500 रुपये से 3000 रुपये प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली बेचा जा रहा है.

उन्होंने नागरिक अस्पताल नूरपुर के आपातकालीन वार्ड को गम्भीर मरीजों की सुविधा के धरातल मंजिल में स्तानांतरित करने का आग्रह किया. उन्होंने क्षेत्र के 22 गांवों को लाभान्वित करने वाली सबसे बड़ी मध्यम सिंचाई योजना फिना सिंह के लिए वित्तीय सहायता की मांग की.

राकेश पठानिया ने खुले बाजार में डिपो का राशन बेचने वाले कुछ नागरिक आपूर्ति डिपो धारकों के खिलाफ कार्रवाही की मांग की तथा सुझाव दिया कि राजनैतिक सम्बन्ध रखने वाले व्यक्तियों को नागरिक आपूर्ति डिपो न दिए जाएं.

इंदौरा विधानसभा क्षेत्र

इंदौरा की विधायक रीता देवी ने सड़कों की दयनीय हालत तथा छौंच खड्ड के तटीकरण जो बरसात के दौरान कुछ पंचायतों के कहर पैदा करती है, के बारे में शिकायत की. उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की गम्भीर कमी का सामना कर रही सात पंचायतों में पेयजल सुविधा प्रदान करने की वकालत की. उन्होंने शिक्षण तथा स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की आवश्यकता पर बल दिया.

ज्वाली विधानसभा क्षेत्र

ज्वाली निर्वाचन सभा क्षेत्र के विधायक अर्जुन सिंह ने सिद्धाता मध्यम सिंचाई योजना के निर्माण के दौरान की गई अनियमितताओं के बारे में शिकायत की. हालांकि यह योजना जल चैनलों के उचित वितरण के बिना पूरी हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में जॉंच करने के आदेश दिए और कहा कि विभाग को न केवल वितरण चैनलों पर बल्कि मुख्य नहर में भी रिसाव को रोकना सुनिश्चित करना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निजी तौर पर स्थल पर जाने तथा यथा शीघ्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा.

विधायक ने लगभग 22 वर्ष पहले बीयर प्लांट इंडस्ट्री स्थापित करने के उद्देश्य से ली गई भूमि की जॉंच करने की मांग की, क्योंकि आज तक ऐसा कोई सयंत्र इस भूमि पर नजर नहीं आ रहा है.

देहरा विधानसभा क्षेत्र

देहरा के विधायक होशियार सिंह ने उनके विधानसभा क्षेत्र में ‘स्नेक पार्क’ की स्थापना करने की वकालत की. उन्होंने कहा कि उनका निर्वाचन सभा क्षेत्र नदियां और नालों से घिरा होने के कारण यहां बहुत अधिक सांप है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ‘एंटी-वेनम प्लांट’ स्थापित किया जा सकता है, जो ‘एंटी-वेनम’ बेचकर राज्य में राजस्व अर्जित करने के लिए मदद करेगा. उन्होंने उनके विधानसभा क्षेत्र में नदियों के किनारे सफारी क्षेत्र की स्थापना का सुझाव दिया, जो सैलानियों के लिए अतिरिक्त आकर्षण होगा.

ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र

ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेश चन्द धवाला ने ज्वालामुखी माता मन्दिर न्यास की भूमि को स्वास्थ्य तथा अन्य विभागों के लिए हस्तांतरण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत एक बड़ी इमारत खाली पड़ी है, जबकि अस्पताल मातृ-छाया में सरांय में चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने उपायुक्त कांगड़ा से इस मामले पर तत्काल रिपोर्ट मांगी तथा जल्द से जल्द मुख्यमंत्री कार्यालय में रिपोर्ट करने को कहा.

धवाला ने कहा कि पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए गुजरात की तर्ज पर और अधिक चैक डैम तथा जल संरक्षण ढांचों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इन चैक डैम से पानी को सौर ऊर्जा तंत्र के माध्यम से उठाया जा सकता है तथा सिंचाई उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.