नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में उर्वरक (Fertiliser) की आपूर्ति स्थिति पूरी तरह स्थिर, सुरक्षित और पर्याप्त है। उर्वरक विभाग (Department of Fertilisers) ने कहा है कि देश में किसी भी तरह की कमी या संकट के दावे आंकड़ों से समर्थित नहीं हैं।
रबी सीजन में रिकॉर्ड आपूर्ति
अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच हुए रबी सीजन में सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता मांग से काफी अधिक रही
यूरिया (Urea): 257.59 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध, जबकि मांग 196.06 LMT
डीएपी (DAP): 75.40 LMT उपलब्ध, मांग 53.43 LMT
एमओपी (MOP), एनपीके (NPK) और एसएसपी (SSP): सभी में पर्याप्त अधिशेष
इसका मतलब है कि पूरे देश में खाद की आपूर्ति मांग से अधिक और संतुलित रही।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी मजबूत स्थिति
1 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक भी उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है:
यूरिया: 69.33 LMT (मांग: 18.17 LMT)
अन्य उर्वरक (DAP, MOP, NPK, SSP): पर्याप्त अधिशेष
इससे आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।
खरीफ 2026 की तैयारी
कुल उर्वरक आवश्यकता: 390.54 LMT
उपलब्ध शुरुआती स्टॉक: लगभग 180 LMT (46%)
यह सामान्य से काफी अधिक है, जिससे सरकार ने इसे बेहतर योजना और आपूर्ति प्रबंधन का परिणाम बताया है।
सरकार की सख्त निगरानी
राज्य सरकारों को कालाबाजारी और जमाखोरी पर कार्रवाई के निर्देश
जिलों तक निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने पर जोर
किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने के लिए केंद्र–राज्य समन्वय जारी
अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति रणनीति
भारत ने वैकल्पिक देशों से आपूर्ति बढ़ाई
ग्लोबल टेंडरों के जरिए अतिरिक्त उर्वरक सुरक्षित किए
बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बावजूद यूरिया सब्सिडी जारी
सरकार का कहना है कि किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता बनी रहेगी। केंद्र सरकार के अनुसार देश में उर्वरक आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। मजबूत स्टॉक, बेहतर योजना और वैश्विक सप्लाई मैनेजमेंट के चलते कृषि क्षेत्र के लिए स्थिति अनुकूल बनी हुई है।
