नई दिल्ली: देश के कोयला आधारित बिजलीघरों (Coal-Based Power Plants) में कोयले का भंडार 29 सितंबर से लगातार 18 मिलियन टन से ऊपर बना हुआ है। कोयला मंत्रालय के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को बिजलीघरों में कोयले का कुल स्टॉक 18.205 मिलियन टन दर्ज किया गया। मंत्रालय ने बताया कि कोयले की आपूर्ति और बिजलीघरों में रोजाना होने वाली खपत के बीच संतुलन बना हुआ है, जिससे भंडार को स्थिर रखने में मदद मिली है।
बिजलीघरों में कोयले की आपूर्ति पर लगातार नजर
कोयला मंत्रालय के अनुसार, जिन बिजलीघरों में कोयले का स्टॉक बेहद कम है, वहां आपूर्ति की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार कोयले का वितरण उन बिजलीघरों की ओर किया जा रहा है, जहां भंडार कम होने से बिजली उत्पादन प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।
मंत्रालय का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बिजलीघरों में पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराना और बिजली उत्पादन को बिना रुकावट जारी रखना है।
बिजली क्षेत्र के लिए रोजाना बढ़ी रैक लोडिंग
मंत्रालय ने बताया कि अक्टूबर के शुरुआती 10 दिनों में बिजली क्षेत्र के लिए औसतन 469 कोयला रैक प्रतिदिन लोड किए गए। इसकी तुलना में सितंबर महीने में यह औसत 426 रैक प्रतिदिन था। यानी पिछले महीने के औसत के मुकाबले अक्टूबर के शुरुआती दिनों में कोयले की ढुलाई के लिए प्रतिदिन अधिक रैक उपलब्ध कराए गए।
रेल रैक के माध्यम से कोयले की ढुलाई बिजलीघरों तक ईंधन पहुंचाने का महत्वपूर्ण साधन है। इसकी उपलब्धता बढ़ने से बिजली संयंत्रों की जरूरत के अनुसार कोयले की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
कोयला कंपनियों और रेलवे के साथ मिलकर काम कर रहा मंत्रालय
कोयला मंत्रालय ने बताया कि वह Coal India Limited (CIL), Singareni Collieries Company Limited (SCCL), रेल मंत्रालय और बिजली कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य कोयले की खदानों से बिजलीघरों तक लगातार ढुलाई और आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
मंत्रालय के मुताबिक, बिजलीघरों में पर्याप्त कोयला भंडार बनाए रखने के लिए आपूर्ति, खपत और परिवहन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे देश के थर्मल पावर प्लांट्स में बिजली उत्पादन को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

