चेक बाउंस करना पड़ा भारी, 3 महीने कैद और 10 लाख का हर्जाना

बिलासपुर(घुमारवीं). न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट न. 2  घुमारवीं में उपासना शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 3 माह की कारावास व 10 लाख रुपये बतौर हर्जाना देने के आदेश दिये हैं. शिकायतकर्ता हिमाचल ग्रामीण बैंक बरठीं के वकील ज्ञान चन्द रतन व निधि रतन ने बताया कि झंडूता निवासी मदन लाल ने बैंक से मार्च 2010 में 13.98 लाख रुपये का ऋण लिया था.

मदन लाल ने अपना ऋण चुकाने के लिए एक चेक 6 लाख रुपये का 29 जनवरी 2013 को बैंक को दिया लेकिन जब बैंक ने यह चेक भुगतान के लिए लगाया तो मदन लाल के खाते में पैसे नहीं थे. जिस कारण यह चेक बाउंस हो गया. उन्होंने ने बताया कि चेक बाउंस होने पर बैंक ने मदन लाल को नोटिस जारी किया परन्तु मदन लाल ने नोटिस पर भुगतान नहीं किया. उसके बाद बैंक ने अदालत में शिकायात दायर कर दी. अदालत ने मदन लाल को दोषी करार देते हुए धारा 138 के तहत 3 माह के कारावास व 10 लाख रुपए बैंक को बतौर हर्जाना देने के आदेश दिये.