नई दिल्ली. चक्रवाती तूफान Cyclone Arnab भले ही आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया हो, लेकिन इसके अवशेष अब भी देश के बड़े हिस्से के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। सैटेलाइट से ली गई ताजा तस्वीरों में भारत के पूर्वी और मध्य हिस्सों से लेकर उत्तरी क्षेत्रों तक फैले बादलों का विशाल क्षेत्र दिखाई दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के अवशेषों के कारण कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
कमजोर होकर डिप्रेशन में बदला Cyclone Arnab
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान के अवशेष के रूप में बना गहरा दबाव क्षेत्र (Deep Depression) कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। पिछले छह घंटों के दौरान यह सिस्टम लगभग 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा था।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से करीब 20 किलोमीटर पश्चिम में, ओडिशा के टिटिलागढ़ से लगभग 210 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और रायपुर से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।
IMD का अनुमान है कि यह सिस्टम उत्तर की ओर बढ़ना जारी रखेगा और 29 अक्टूबर की शाम तक कमजोर होकर स्पष्ट रूप से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well-marked Low Pressure Area) में बदल सकता है। सिस्टम की निगरानी के लिए रायपुर और संबलपुर के डॉप्लर वेदर रडार लगातार सक्रिय हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का विशाल फैलाव
सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में पूर्वी और मध्य भारत से लेकर देश के उत्तरी हिस्सों तक बादलों का बड़ा समूह दिखाई दे रहा है। यह तस्वीर बताती है कि किसी चक्रवाती तूफान का असर तट से टकराने और कमजोर पड़ने के बाद भी दूर-दराज के इलाकों तक बना रह सकता है।
तस्वीरों में बादलों के चमकीले और घने समूह व्यापक बादल छाए रहने तथा संवहनीय गतिविधियों (Deep Convection) वाले क्षेत्रों का संकेत देते हैं। तूफान के अवशेष जब जमीन के भीतर की ओर बढ़ते हैं, तो उनका परिसंचरण वातावरण में नमी पहुंचाता रहता है। यही नमी कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकती है।
इस तस्वीर में अंडमान सागर के ऊपर बादलों का एक अलग समूह भी दिखाई दिया है, जो वहां विकसित हो रहे निम्न दबाव क्षेत्र से संबंधित है। इससे पूर्वी हिंद महासागर के आसपास सक्रिय मौसम प्रणालियों का भी संकेत मिलता है।
छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भारी बारिश की आशंका
IMD ने तूफान के अवशेषों के प्रभाव से मध्य, पूर्वी और उत्तरी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों में 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। झारखंड में भी कुछ चुनिंदा स्थानों पर इसी तरह की बारिश हो सकती है।
बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा जताया गया है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। राज्य के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी रहने की संभावना है।
ओडिशा, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल पर भी असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, ओडिशा के आंतरिक इलाकों, पूर्वी विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि कमजोर पड़ चुका सिस्टम भी पर्याप्त नमी लेकर आगे बढ़ सकता है।
तूफान कमजोर, लेकिन बारिश का खतरा अभी टला नहीं
Cyclone Arnab के कमजोर पड़ने के बावजूद कई राज्यों में बारिश का खतरा बना हुआ है। चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव केवल उसके केंद्र या समुद्र तट से टकराने वाले स्थान तक सीमित नहीं रहता। इसके बाद भी बादलों का फैलाव, नमी का परिवहन और वायुमंडलीय परिसंचरण दूर-दराज के क्षेत्रों में बारिश करा सकते हैं।
ऐसे में संबंधित राज्यों के लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
