नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सीजन के दौरान कृषि गतिविधियों की लगातार निगरानी करने और कम वर्षा वाले जिलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली में आयोजित समीक्षा बैठक में खरीफ फसलों की बुवाई, El Niño, मानसून की स्थिति, उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता तथा जलाशयों में जल भंडारण की समीक्षा की गई।
270 संवेदनशील जिलों पर रहेगा फोकस
बैठक में देश के 270 ऐसे जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कृषि प्रबंधन एवं वैकल्पिक उपाय लागू करने के निर्देश दिए।
खरीफ फसलों की बुवाई की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि 17 जुलाई 2026 तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई 658.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है। पिछले वर्ष की तुलना में कुल बुवाई क्षेत्र में कुछ कमी आई है, लेकिन कई राज्यों में धान, दलहन और अन्य फसलों की बुवाई में सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई है। कृषि मंत्री ने दलहन, तिलहन और कपास मिशन की राज्यों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
मानसून और El Niño की स्थिति पर नजर
बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान और संभावित El Niño की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 9 जुलाई 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में फैल चुका था, जिससे अधिकांश राज्यों में खरीफ बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।
हालांकि 1 जून से 15 जुलाई के बीच देश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में देशभर में 227 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 294.2 मिमी है। सबसे अधिक 36 प्रतिशत वर्षा की कमी पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में दर्ज की गई।
खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में यूरिया सहित उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध हैं तथा राज्यों के साथ समन्वय बनाकर उनकी आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और राज्य सरकारों के माध्यम से जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए और वितरण व्यवस्था में कहीं भी कमी होने पर उसका तुरंत समाधान किया जाए।
किसानों के हित सर्वोपरि
बैठक के अंत में कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान मौसम आधारित कृषि प्रबंधन, वैज्ञानिक सलाह और केंद्र एवं राज्यों के बेहतर समन्वय के जरिए किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

