नई दिल्ली. किसानों के लिए बेमौसम बारिश और बर्फबारी के बीच राहत की एक अहम खबर है। अगर फसल कट चुकी है और उसे खेत में सुखाने के लिए रखा गया था, फिर भी नुकसान होने पर PM Fasal Bima Yojana (PMFBY) के तहत claim किया जा सकता है। योजना की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कटाई के बाद खेत में “cut and spread” या drying condition में रखी फसल को अधिकतम 14 दिनों तक बीमा सुरक्षा मिलती है।
इन फसलों पर लागू होती है
PMFBY post-harvest loss cover खास तौर पर उन फसलों के लिए लागू होता है जो कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए छोड़ी जाती हैं। आधिकारिक guidelines के मुताबिक, इस अवधि में unseasonal rain, hailstorm, cyclone या cyclonic rain जैसी घटनाओं से हुए नुकसान पर मुआवजा मिल सकता है। लेकिन यह कवर हर हालत में नहीं, बल्कि notified crop और notified area की शर्तों के साथ लागू होता है। इसलिए किसान को अपनी फसल और क्षेत्र की notification भी जांचनी चाहिए।
फसल खराब होने पर सबसे जरूरी बात है loss intimation समय पर देना। PMFBY FAQ और operational guidelines के अनुसार, localized calamity या post-harvest loss जैसे मामलों में नुकसान की सूचना तय समयसीमा के भीतर देनी होती है। कई आधिकारिक स्रोतों में यह समयसीमा 72 घंटे बताई गई है, इसलिए किसान को देरी नहीं करनी चाहिए। सूचना बीमा कंपनी, बैंक, CSC, संबंधित कृषि अधिकारी या PMFBY सिस्टम के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है।
क्लेम दर्ज कराने के लिए किसान को आम तौर पर policy details, Aadhaar, bank account information, crop details और नुकसान से जुड़ा प्रमाण देना होता है। इसके बाद संबंधित एजेंसी या insurer की ओर से field verification की जाती है। PMFBY guidelines के मुताबिक, post-harvest loss का आकलन individual farm basis पर किया जाता है, यानी खेत-स्तर पर नुकसान देखा जाता है, न कि सिर्फ बड़े क्षेत्र के औसत के आधार पर।
योजना के तहत पैसा कब मिलेगा
योजना के तहत पैसा कब मिलेगा, यह verification, राज्य की subsidy release और insurance company की process पर निर्भर करता है। revised operational guidelines के अनुसार, loss survey report मिलने के बाद insurer को claim disbursement एक निर्धारित समयसीमा में करना होता है, हालांकि ground level पर इसमें अधिक समय भी लग सकता है। इसलिए “करीब 2 महीने” जैसी समय-सीमा एक practical estimate हो सकती है, लेकिन यह हर case में fixed official deadline नहीं मानी जानी चाहिए।
PMFBY claim status चेक करने के लिए किसान आधिकारिक PMFBY portal या crop insurance app का इस्तेमाल कर सकते हैं। PMFBY से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज बताते हैं कि app और system के जरिए किसान application और claim status track कर सकते हैं, साथ ही crop loss intimation भी raise कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, अगर बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि से कटाई के बाद खेत में सूख रही फसल खराब हुई है, तो किसान को घबराने के बजाय तुरंत PMFBY claim process शुरू करनी चाहिए। सबसे अहम चीजें हैं: अपनी policy active होना, फसल notified होना, नुकसान की सूचना समय पर देना, और verification के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार रखना। यही कदम crop insurance compensation पाने की संभावना को मजबूत करते हैं.
