नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में श्रम कानूनों को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए चार नए Labour Codes के लिए ड्राफ्ट नियम अधिसूचित कर दिए हैं। इन नियमों पर सरकार ने सार्वजनिक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
कौन-कौन से लेबर कोड शामिल
ड्राफ्ट नियम जिन चार लेबर कोड्स के तहत जारी किए गए हैं, वे हैं—
Code on Wages, 2019
Industrial Relations Code, 2020
Code on Social Security, 2020
Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020
वर्कर्स की परिभाषा से लेकर सोशल सिक्योरिटी तक
इन ड्राफ्ट नियमों में वर्कर की परिभाषा, वेतन, रोजगार के प्रकार, ग्रेच्युटी, बोनस और सोशल सिक्योरिटी से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसमें Gig Workers और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की व्यवस्था की गई है।
45 दिन तक सार्वजनिक परामर्श
सरकार ने इन ड्राफ्ट नियमों को पब्लिक कंसल्टेशन के लिए खोला है। सभी हितधारक और आम नागरिक 45 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकते हैं।
पुराने श्रम कानूनों को मिलेगा नया रूप
श्रम मंत्रालय ने 21 नवंबर को इन चारों लेबर कोड्स के लागू होने की घोषणा की थी। मंत्रालय के अनुसार, इनका उद्देश्य देश में दशकों पुराने जटिल श्रम कानूनों को सरल, एकीकृत और पारदर्शी बनाना है।
वर्कफोर्स को मिलेंगी कई अहम गारंटी
सरकार का कहना है कि नए लेबर कोड्स के तहत—
सभी श्रमिकों को समय पर न्यूनतम वेतन
युवाओं को Appointment Letter
महिलाओं को समान वेतन और सम्मान
40 करोड़ श्रमिकों को सोशल सिक्योरिटी
फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को एक साल बाद ग्रेच्युटी
स्वास्थ्य और ओवरटाइम से जुड़े प्रावधान
इन सुधारों में 40 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों के लिए मुफ्त सालाना हेल्थ चेकअप, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सामाजिक न्याय की गारंटी भी शामिल है।
चार नए लेबर कोड्स के जरिए सरकार का लक्ष्य देश की श्रम व्यवस्था को आधुनिक बनाते हुए श्रमिकों को बेहतर वेतन, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण देना है।
