नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस पार्टी के भीतर Candidate Selection को लेकर मंथन अंतिम चरण में बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान के पास पहुंची संभावित नामों की सूची में अब राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की एंट्री ने मुकाबले को ‘Local vs Delhi Leadership’ का रूप दे दिया है।
पार्टी के अंदर यह सवाल चर्चा में है कि क्या कांग्रेस किसी स्थानीय हिमाचली चेहरे को प्राथमिकता देगी या फिर दिल्ली के किसी दिग्गज नेता को Shimla के रास्ते संसद भेजा जाएगा।
National Spokespersons के नाम से बढ़ी हलचल
कांग्रेस गलियारों में चर्चा है कि दो प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के नाम पैनल में शामिल किए गए हैं:
Supriya Shrinate – अपनी तेज-तर्रार बयानबाजी और मीडिया डिबेट्स में सक्रिय भूमिका के लिए जानी जाती हैं।
Pawan Khera – वरिष्ठ प्रवक्ता, जिनकी National Politics में मजबूत पकड़ मानी जाती है।
इन नामों के सामने आने के बाद पार्टी के भीतर Political Strategy और Electoral Calculation को लेकर बहस तेज हो गई है।
Local Leadership की दावेदारी भी मजबूत
प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश विधायकों और नेताओं का मानना है कि Rajya Sabha Election के लिए किसी स्थानीय नेता को मौका दिया जाना चाहिए, ताकि हिमाचल की आवाज सीधे संसद में उठ सके।
स्थानीय दावेदारों में जिन नामों की चर्चा है, उनमें शामिल हैं:
Anand Sharma – पूर्व केंद्रीय मंत्री और अनुभवी नेता
Pratibha Singh – प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
Dhani Ram Shandil – वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री
Asha Kumari – पूर्व मंत्री
Gokul Butail – मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार
Anup Rattan – एडवोकेट जनरल
क्या है Congress High Command का प्लान?
Political Circles में यह चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान 2026 की राष्ट्रीय रणनीति को ध्यान में रखते हुए फैसला ले सकता है। यदि पार्टी National Face को चुनती है तो यह संदेश जाएगा कि हिमाचल सीट को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, Local Candidate के चयन से संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय संतुष्टि साधने की कोशिश मानी जाएगी।
फिलहाल Rajya Sabha Seat Himachal को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कांग्रेस ‘Local Leadership’ पर भरोसा जताती है या ‘National Spokesperson Strategy’ को आगे बढ़ाती है।
