नई दिल्ली. भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई एक टिप्पणी पर गंभीर रुख अपनाया। यह कार्रवाई भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद की गई।
चुनाव आयोग का नोटिस
नोटिस में कहा गया है कि आयोग की प्रारंभिक राय में मल्लिकार्जुन खड़गे, जो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी हैं, ने आदर्श आचार संहिता (MCC) और आयोग द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन किया है। आयोग ने उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिला, तो माना जाएगा कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है और आयोग बिना किसी और संदर्भ के उचित कार्रवाई करेगा।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल की शिकायत
इससे पहले दिन में भाजपा के तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और खड़गे के बयान पर “सख्त कार्रवाई” की मांग की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता द्वारा ऐसे शब्दों का इस्तेमाल “निंदनीय” है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के प्रति “गहरी नफरत” के कारण ऐसे बयान दे रही है, खासकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों के बीच।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने खड़गे की टिप्पणी को “आपत्तिजनक” बताते हुए देश से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को ऐसी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिससे कोई भी भविष्य में प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न करे।
खड़गे का बयान और सफाई
मल्लिकार्जुन खड़गे ने तमिलनाडु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को “आतंकवादी” कह दिया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय शाब्दिक रूप से “आतंकवादी” कहने का नहीं था।
खड़गे ने कहा:
“वे लोगों और राजनीतिक दलों को डराते हैं। मैंने यह नहीं कहा कि वे सचमुच आतंकवादी हैं। वे सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर विपक्ष को बदनाम और परेशान कर रहे हैं।”
