नई दिल्ली. 2024 लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर Election Commission of India (ECI) और Rahul Gandhi के बीच टकराव देखने को मिला है। शनिवार को चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के उस दावे को एक बार फिर खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने Maharashtra Assembly Elections में “वोट चोरी” (Vote Theft) के आरोप लगाए थे। आयोग ने राहुल को 12 जून को भेजा गया पत्र सार्वजनिक करते हुए कहा कि उन्होंने न तो उस पत्र का जवाब दिया और न ही व्यक्तिगत रूप से किसी बैठक की पहल की।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
ECI ने कहा कि राहुल गांधी के आरोप “निराधार” (Baseless Allegations) हैं और इससे Indian Electoral System की साख को चोट पहुंचती है। आयोग के अनुसार, उन्होंने राहुल गांधी को 12 जून को पत्र भेजा था, जो उनके 7 जून के एक लेख पर आधारित था जिसे एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित किया गया था। उस लेख में गांधी ने चुनावों में धांधली के आरोप लगाए थे।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए हर मुद्दे का पत्र में “विस्तृत जवाब” दिया गया था। इसके बावजूद राहुल गांधी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
राहुल गांधी का पलटवार
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके पास चुनावी प्रक्रिया में “बड़ी अनियमितताओं के पुख्ता और सार्वजनिक सबूत” हैं। उन्होंने इस मुद्दे को Nuclear Bomb of Evidence करार देते हुए कहा कि एक बार जब यह सामने आ जाएगा तो “चुनाव आयोग को छिपने की जगह नहीं मिलेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी Madhya Pradesh Assembly Elections (2023), हालिया Lok Sabha Elections और Maharashtra Elections में हुई गड़बड़ियों को लेकर पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य इकट्ठा कर चुकी है।
EC ने क्या कहा राहुल के आरोपों पर?
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा था कि राहुल गांधी के आरोप “Highly Objectionable” हैं और वे आयोग और इसके कर्मचारियों को “Threaten” करने की कोशिश कर रहे हैं। EC के अनुसार, कोई औपचारिक शिकायत या Substantiated Complaint अब तक कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से नहीं आई है।
