नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने Amnesty Scheme 2026 शुरू की है, जिसके तहत Exempted Provident Fund (PF) Trust संचालित करने वाले पात्र संस्थानों को अपने कानूनी दर्जे को नियमित (Regularise) करने का एकमुश्त अवसर मिलेगा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार यह विशेष योजना छह महीने तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य ऐसे निजी पीएफ ट्रस्टों को निर्धारित कानूनी ढांचे के भीतर लाना और Provident Fund Compliance को मजबूत बनाना है।
किन संस्थानों को मिलेगा योजना का लाभ?
मंत्रालय के अनुसार यह योजना उन संस्थानों पर लागू होगी, जो Income Tax Act, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त Provident Fund Trust का संचालन कर रहे हैं। ऐसे सभी पात्र संस्थानों को अपने संबंधित EPFO Regional Office में ईमेल के माध्यम से औपचारिक आवेदन भेजना होगा। आवेदन की समीक्षा के बाद पात्रता के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
क्या होता है Exempted Provident Fund?
Exempted Provident Fund ऐसी व्यवस्था होती है, जिसमें नियोक्ता अपने कर्मचारियों के Provident Fund Contribution का प्रबंधन स्वयं एक निजी ट्रस्ट के माध्यम से करता है। इस व्यवस्था में पीएफ की राशि सीधे EPFO में जमा नहीं होती, बल्कि कंपनी द्वारा संचालित ट्रस्ट कर्मचारियों के खातों का संचालन करता है। हालांकि ऐसे ट्रस्टों को भी निर्धारित कानूनी और वित्तीय मानकों का पालन करना होता है।
कर्मचारियों को क्या मिलेगा फायदा?
EPFO के अनुसार Amnesty Scheme के तहत नियमितीकरण होने से कर्मचारियों को उनके नियोक्ता के पीएफ ट्रस्ट की कानूनी स्थिति को लेकर अधिक स्पष्टता और सुरक्षा मिलेगी। योजना का लाभ तभी मिलेगा जब कर्मचारियों के खातों में समय पर अंशदान जमा किया गया हो और उन पर मिलने वाला ब्याज EPFO की वैधानिक ब्याज दर के बराबर या उससे अधिक रहा हो। इससे कर्मचारियों के PF Benefits सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी की संभावना कम होगी।
PF व्यवस्था होगी अधिक पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का कहना है कि इस पहल से Exempted PF Trusts को एक समान वैधानिक ढांचे के अंतर्गत लाया जा सकेगा। इससे Provident Fund Administration अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और कानूनी रूप से मजबूत होगा। साथ ही, संस्थानों को नियमों के अनुरूप काम करने का अवसर मिलेगा और कर्मचारियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

