नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय सफल यात्रा पूरी कर नई दिल्ली लौट आए हैं। इस Three-Nation Visit के दौरान भारत ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, कृषि, निवेश, ऊर्जा और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया। इस दौरे को भारत के Foreign Policy और Strategic Partnership को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
इंडोनेशिया के साथ रक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौते
अपनी यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया का दौरा किया, जहां उन्होंने राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर दोनों देशों के संबंधों की समीक्षा की। इस दौरान दोनों देशों के बीचरक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिज, कृषि, Maritime Security और Space Cooperation से जुड़े कई MoUs और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपुर्णा (Bintang Adipurna)’ से भी सम्मानित किया गया, जिसे दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया से मिलेगा यूरेनियम, निवेश को भी बढ़ावा
दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी मेलबर्न (Australia) पहुंचे, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन (India-Australia Annual Summit) में भाग लिया। इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि भारत के लिए Australia से Uranium Supply का मार्ग प्रशस्त होना रही। इसके अलावा AustralianSuper ने भारत के National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश की घोषणा की, जिससे देश में बुनियादी ढांचा और निवेश परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड के साथ बनी Strategic Partnership
तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी ऑकलैंड (New Zealand) पहुंचे। यहां भारत और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्रियों ने India-New Zealand Strategic Partnership की स्थापना की घोषणा की। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी तय किया।
दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस नई रणनीतिक साझेदारी से दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत के वैश्विक संबंधों को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी की छह दिवसीय विदेश यात्रा के दौरान हुए समझौते भारत की Global Diplomacy, Economic Cooperation और Strategic Relations को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, यूरेनियम, विदेशी निवेश और व्यापार विस्तार जैसे फैसले आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को और सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

