नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाले वाहनों के लिए नियमों को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने शनिवार को बताया कि सरकार ने शुद्ध एथेनॉल (E100) को ऑटोमोबाइल ईंधन के रूप में कानूनी मान्यता देने वाला नियामक ढांचा तैयार कर लिया है।
नागपुर में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में गडकरी ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार देर शाम इन नियमों को अंतिम मंजूरी दी। इसके साथ ही अब देश में 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाले वाहनों का रास्ता साफ हो गया है।
विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने की तैयारी
सरकार का मानना है कि एथेनॉल के व्यापक इस्तेमाल से भारत की आयातित पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम होगी। गडकरी ने कहा कि देश हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोलियम आयात करता है। ऐसे में एथेनॉल पेट्रोल का प्रभावी विकल्प बन सकता है और विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत कर सकता है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार एथेनॉल आधारित ईंधन का विचार रखा था, तब कई लोग इस पर सवाल उठाते थे, लेकिन अब यह सपना हकीकत बनता दिखाई दे रहा है।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
गडकरी ने बताया कि देश में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले वाहनों का विस्तार तेजी से हो रहा है। हाल ही में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri के साथ मिलकर उन्होंने एथेनॉल अनुकूल Maruti Suzuki WagonR मॉडल का अनावरण किया था। यह वाहन E20 से E100 तक के मिश्रण पर चलने में सक्षम है, हालांकि वर्तमान में इसे E85 तक उपयोग की अनुमति प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि दोपहिया क्षेत्र में भी फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का विस्तार हो रहा है। Hero MotoCorp ने अपने लोकप्रिय मॉडलों के एथेनॉल अनुकूल संस्करण बाजार में पेश किए हैं।
डेढ़ महीने में आ सकते हैं नए E100 वाहन
केंद्रीय मंत्री के अनुसार कई वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियां भारत में पूरी तरह एथेनॉल से चलने वाले वाहन लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। Toyota, Suzuki, MG Motor और Hyundai जैसी कंपनियां अगले कुछ हफ्तों में E100 सक्षम वाहन पेश कर सकती हैं।
ग्रीन हाइड्रोजन पर भी सरकार का फोकस
गडकरी ने बताया कि सरकार केवल एथेनॉल ही नहीं, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन को भी बढ़ावा दे रही है। नागपुर में जल्द ही एक हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा और वहां दो ग्रीन हाइड्रोजन बसें भी चलाई जाएंगी। यह हाइड्रोजन पानी से इलेक्ट्रोलाइजर तकनीक के जरिए तैयार की जाएगी।
स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की ओर बड़ा कदम
हाल ही में केंद्र सरकार ने 22 से 30 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में छूट देने का फैसला भी किया है। इसके साथ ही केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है, जिससे E85 और E100 ईंधन को औपचारिक मान्यता मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि 100 प्रतिशत एथेनॉल आधारित ईंधन को मंजूरी मिलने से किसानों को भी फायदा होगा, क्योंकि एथेनॉल उत्पादन में गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी। साथ ही यह कदम प्रदूषण कम करने और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
