नई दिल्ली. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सोमवार को पहली वाणिज्यिक उड़ान के संचालन के साथ ही एक नया इतिहास रच दिया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर जेवर क्षेत्र के किसानों ने पहली कमर्शियल फ्लाइट से लखनऊ की यात्रा की। ये वही किसान हैं जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई थी। इस खास उड़ान ने न केवल हवाई सेवाओं की शुरुआत की बल्कि किसानों के योगदान को सम्मानित करने का संदेश भी दिया।
किसानों के सम्मान में खास पहल
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ रवाना हुआ, जहां उनका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात का कार्यक्रम निर्धारित है। धीरेंद्र सिंह ने इस अवसर को क्षेत्र के किसानों के सम्मान और गौरव से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि विकास की नई कहानी की शुरुआत है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जेवर के किसानों का लखनऊ की धरती पर पहुंचना एक ऐतिहासिक क्षण है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय समुदाय राज्य के विकास और प्रगति में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में होगा शामिल
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने किसानों और उनके परिवारों से मुलाकात करते हुए कहा कि जिन किसानों ने अपनी जमीन देकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार किया, उन्हें पहली उड़ान का हिस्सा बनाना सरकार की ओर से सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भविष्य में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का प्रमुख केंद्र बनेगा। शुरुआती चरण में इसकी क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी, जबकि चौथे चरण तक इसे बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंचाया जाएगा।
चार शहरों के लिए शुरू हुई उड़ान सेवा
राम मोहन नायडू ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू हुआ है। लखनऊ के अलावा बेंगलुरु समेत चार गंतव्यों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की गई हैं। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
विकास और किसानों के योगदान का प्रतीक बना ऐतिहासिक दिन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत को रोजगार, निवेश और क्षेत्रीय विकास के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। पहली उड़ान में किसानों की भागीदारी ने यह संदेश दिया है कि विकास की इस यात्रा में स्थानीय लोगों के योगदान को सम्मान और पहचान दी जा रही है।

