नई दिल्ली. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव Rohit Kansal ने नई दिल्ली में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) और इसकी विभिन्न उप-योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और छह करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार करने के लक्ष्य को लेकर अब तक की उपलब्धियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
छह करोड़ लखपति दीदी बनाने पर फोकस
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देकर, आजीविका के अवसरों का विस्तार कर तथा वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाकर छह करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से हासिल करना है।
सचिव रोहित कंसल ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिशन की गतिविधियों की लगातार निगरानी आवश्यक है। उन्होंने साझेदार संस्थाओं के प्रदर्शन और प्रमुख संकेतकों पर नियमित नजर रखने की जरूरत पर भी बल दिया।
स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा प्रशिक्षण और सहयोग
बैठक को संबोधित करते हुए रोहित कंसल ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को पर्याप्त क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि आजीविका से जुड़ी योजनाओं को सफल बनाने के लिए समूहों को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक सहयोग भी आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थापित हों ‘शी मार्ट’
समीक्षा बैठक में ‘शी मार्ट’ की स्थापना पर भी विशेष चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि इन बाजार केंद्रों को ऐसे स्थानों पर स्थापित किया जाना चाहिए जहां व्यावसायिक गतिविधियां अधिक हों। इसके साथ ही इनके लिए मजबूत बाजार संपर्क व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए ताकि महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके।
उन्होंने कहा कि पीछे और आगे की बाजार श्रृंखला (Backward and Forward Linkages) मजबूत होने से ‘शी मार्ट’ लंबे समय तक सफल और टिकाऊ बन सकेंगे।
समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए गतिविधि कैलेंडर तैयार करने के निर्देश
रोहित कंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मिशन के सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए एक व्यापक कैलेंडर तैयार किया जाए और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उनका मानना है कि योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन ही उनके अपेक्षित परिणाम सुनिश्चित कर सकता है।
नई पहलों पर भी हुई चर्चा
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रस्तावित नई पहलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सभी नई योजनाओं और कार्यक्रमों के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश संबंधित हितधारकों से परामर्श के बाद जल्द अंतिम रूप दिए जाएं।
अधिकारियों ने माना कि स्पष्ट और समय पर जारी दिशा-निर्देश योजनाओं के प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया हिस्सा
बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव Swati Sharma और Jayashree M.G के अलावा ग्रामीण आजीविका प्रभाग और राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार तथा उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार को उम्मीद है कि ‘लखपति दीदी’ अभियान के जरिए लाखों ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
