नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर को बड़ी सौगात देते हुए जयपुर मेट्रो फेज-2 (ऑरेंज लाइन) परियोजना की आधारशिला रखी। यह अब तक जयपुर मेट्रो का सबसे बड़ा विस्तार होगा। इस परियोजना पर करीब 13 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके तहत लगभग 41 से 42.8 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा।
नई मेट्रो लाइन टोंक रोड स्थित प्रह्लादपुरा से शुरू होकर सीकर रोड के टोडी मोड़ तक जाएगी। इससे शहर के उत्तर और दक्षिण हिस्से के बीच तेज और सुविधाजनक मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।
पहली बार एयरपोर्ट और टोंक रोड तक पहुंचेगी मेट्रो
जयपुर मेट्रो फेज-2 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और टोंक रोड को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा यह लाइन गांधीनगर रेलवे स्टेशन, जयपुर जंक्शन, एसएमएस अस्पताल, कलेक्टरेट क्षेत्र, टोंक रोड और सीकर रोड के कई प्रमुख इलाकों को भी सीधे जोड़ेगी। इससे हजारों यात्रियों का सफर आसान होगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
36 नए स्टेशन बनेंगे
पूरे प्रोजेक्ट में 36 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें 34 एलिवेटेड (ऊपर बने हुए) और 2 भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टेशन होंगे।
फेज-2 के पूरा होने के बाद जयपुर मेट्रो का नेटवर्क पहले की तुलना में काफी बड़ा हो जाएगा और शहर के कई नए इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा पहुंच जाएगी।
चार चरणों में होगा निर्माण
जयपुर मेट्रो फेज-2 का निर्माण चार अलग-अलग पैकेज में किया जाएगा।
पहले चरण में प्रह्लादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस हिस्से में 12 स्टेशन होंगे और इस पर करीब 918 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दूसरे चरण में 3.12 किलोमीटर लंबी भूमिगत मेट्रो लाइन बनेगी, जिसमें जयपुर एयरपोर्ट और सांगानेर पुलिस स्टेशन के पास दो स्टेशन बनाए जाएंगे। इस हिस्से की अनुमानित लागत 1,160 करोड़ रुपये है।
तीसरे चरण में 11.7 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जबकि चौथे चरण में 14.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन तैयार किया जाएगा।
पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य
राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (JMRC) के अनुसार पहले पैकेज का कार्यादेश जारी किया जा चुका है। सभी चार चरणों का निर्माण कार्य सितंबर 2026 के आसपास शुरू होने की संभावना है।
सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में पूरी परियोजना को पूरा करना है। इसके बाद वर्ष 2029-30 तक ऑरेंज लाइन पर मेट्रो संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
बिना ड्राइवर के चलेगी मेट्रो
अधिकारियों के अनुसार ऑरेंज लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेनें चलाने की योजना है। इसमें अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे ट्रेनों का इंतजार कम होगा और यात्रियों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।
फेज-1 से आसान होगा इंटरचेंज
नई ऑरेंज लाइन को मौजूदा पिंक लाइन (फेज-1) से जोड़ा जाएगा। खासा कोठी और सिंधी कैंप स्टेशन पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा होगी। दोनों लाइनों के बीच आवाजाही आसान बनाने के लिए फुटओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा।
निर्माण के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
मेट्रो निर्माण के दौरान टोंक रोड पर ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसके लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस और JMRC ने विशेष योजना तैयार की है।
सड़क किनारे अतिक्रमण हटाए जाएंगे, पार्किंग व्यवस्था सुधारी जाएगी और अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन और लेन बंद करने का फैसला संयुक्त रूप से लिया जाएगा।
शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
राज्य सरकार का मानना है कि जयपुर मेट्रो फेज-2 से शहर में यात्रा का समय कम होगा, ट्रैफिक जाम घटेगा और टोंक रोड व सीकर रोड जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना जयपुर को आधुनिक और मजबूत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
