नई दिल्ली. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 (National Panchayat Awards 2025) के विजेताओं की घोषणा कर दी है। इस वर्ष देशभर की 42 पंचायतों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार वितरण समारोह 3 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस बार कर्नाटक ने सबसे ज्यादा 6 पुरस्कार हासिल किए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश और ओडिशा को 5-5 पुरस्कार मिले हैं। पुरस्कारों के तहत पंचायतों को 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सतत विकास लक्ष्यों पर बेहतर काम करने वाली पंचायतों को मिला सम्मान
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों के तहत दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (DDUPSVP) में ग्राम पंचायतों को 9 अलग-अलग विषयों पर सम्मानित किया गया है। इनमें गरीबी मुक्त एवं आजीविका, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल समृद्ध पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला हितैषी पंचायत जैसी श्रेणियां शामिल हैं। इन पुरस्कारों का चयन पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) 2.0 के आधार पर किया गया है। इस श्रेणी में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 34 ग्राम पंचायतों को चुना गया है।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की पंचायतों का शानदार प्रदर्शन
गरीबी मुक्त एवं आजीविका श्रेणी में कर्नाटक के उडुपी जिले की मुद्राडी ग्राम पंचायत को पहला स्थान मिला। स्वस्थ पंचायत श्रेणी में त्रिपुरा की कंचनबाड़ी पंचायत अव्वल रही, जबकि बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में महाराष्ट्र की इतगांव पंचायत ने पहला स्थान हासिल किया। जल समृद्ध पंचायत श्रेणी में महाराष्ट्र की खारीवली पंचायत को पहला पुरस्कार मिला। वहीं, स्वच्छ एवं हरित पंचायत श्रेणी में मिजोरम की कावरथाह नॉर्थ पंचायत को सम्मानित किया जाएगा। हिला हितैषी पंचायत श्रेणी में आंध्र प्रदेश की बोक्कासम पालेम पंचायत ने पहला स्थान प्राप्त किया। सुशासन श्रेणी में आंध्र प्रदेश की श्रींगावरम पंचायत को देश की सर्वश्रेष्ठ पंचायत चुना गया।
नानाजी देशमुख पुरस्कार में त्रिपुरा का दबदबा
नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार (NDSPSVP) के तहत जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वश्रेष्ठ पंचायतों का चयन किया गया है। र्वश्रेष्ठ जिला पंचायत श्रेणी में त्रिपुरा का सिपाहीजला जिला पहले स्थान पर रहा, जिसे 5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी। ओडिशा का गंजाम जिला दूसरे और तमिलनाडु का कोयंबटूर जिला तीसरे स्थान पर रहा।
सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत में केरल का हरिप्पड ब्लॉक पहले स्थान पर रहा, जबकि आंध्र प्रदेश का कुप्पम ब्लॉक भी सम्मानित हुआ।सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में असम की न्यू नपाम पंचायत को पहला, बिहार की तेलकुप पंचायत को दूसरा और उत्तर प्रदेश की बिरहारू पंचायत को तीसरा स्थान मिला।
पंचायतों को आत्मनिर्भर और विकासोन्मुख बनाने पर जोर
केंद्र सरकार के अनुसार, इन पुरस्कारों का उद्देश्य पंचायतों को सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह पुरस्कार राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान (RGSA) के तहत ‘इंसेंटिवाइजेशन ऑफ पंचायत्स’ योजना के अंतर्गत दिए जाते हैं।
